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June 28, 2022
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बिजली के कारण 11 राज्यों में 85 फीसदी दुर्घटनाएं होती हैं

नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)| बिजली के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के राज्य-वार विश्लेषण से संकेत मिलता है कि इनमें से 85 प्रतिशत दुर्घटनाएं 11 राज्यों में होती हैं। गुरुवार को जारी एक थिंक-टैंक के एक चर्चा पत्र में कहा गया है कि ‘बिजली सुरक्षा शासन अंतराल के माध्यम से दुखद रूप से फिसल रहा है’।

चर्चा पत्र में कहा गया है कि इन राज्यों – आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में दुर्घटनाओं को कम करने के प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्यों में, उपभोक्ता मिश्रण, वितरण नेटवर्क के रखरखाव की स्थिति, जलवायु परिस्थितियों और सुरक्षा जागरूकता के आधार पर दुर्घटनाओं की संख्या में भिन्नता है।”

यह थिंक-टैंक प्रयास द्वारा चर्चा पत्र ‘बिजली सुरक्षा : ट्रैजिकली फॉलिंग थ्रू गवर्नेस गैप्स’ में प्रकाश डाला गया था, जो ऊर्जा और जल क्षेत्र के विकास को ट्रैक और विश्लेषण करता है।

प्रयास विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के साथ एक वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन (एसआईआरओ) के रूप में पंजीकृत है।

इसने कई तरह के समाधान भी पेश किए।

दो प्रमुख स्रोत जो विद्युत दुर्घटनाओं पर जानकारी प्रदान करते हैं, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा तैयार की गई वार्षिक दुर्घटना मृत्यु और भारत में आत्महत्या (एडीएसआई) रिपोर्ट और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की वार्षिक सामान्य समीक्षा है।

2020 की एडीएसआई रिपोर्ट के अनुसार, बिजली के झटके और आग के कारण जनवरी और दिसंबर 2020 के बीच 15,258 लोगों की मौत हुई, जबकि सीईए ने अप्रैल 2019 और मार्च 2020 के बीच 7,717 घातक मानव दुर्घटनाओं की रिपोर्ट दी।

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