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Jabalpur
December 10, 2022
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जबलपुर की महारानी के नाम से देश में प्रसिद्द महाकाली की विसर्जन यात्रा शनिवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुयी और रविवार की सुबह 6 बजे ग्वारीघाट में बने विसर्जन कुंड में समाप्त हुयी

जबलपुर की महारानी के नाम से देश में प्रसिद्द महाकाली की विसर्जन यात्रा शनिवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुयी और रविवार की सुबह 6 बजे ग्वारीघाट में बने विसर्जन कुंड में समाप्त हुयी। नवीन महाकाली समिति द्वारा लटकारी का पड़ाव में पिछले 58 साल से महाकाली की प्रतिमा रखी जाती है। लटकारी का पड़ाव से ग्वारीघाट तक के 5 किलोमीटर तक का सफर करने में महाकाली की शोभा यात्रा को 16 से 18 घंटे लग जाते है।

जबलपुर की महारानी के नाम से प्रसिद्द महाकाली की विसर्जन यात्रा को देखने के लिए 5 किलोमीटर के रास्ते में लाखो लोग इकट्ठा होते है। रातभर महाकाली की इस यात्रा को देखने के लिए लाखो लोग रात भर जगरात्रा करते है। जगह जगह स्वागत मंच और विशाल भंडारे का आयोजन की जाता है।

शरद पूर्णिमा को होता है विसर्जन
जबलपुर की महारानी के नाम से प्रसिद्द इस महाकाली की शोभा यात्रा सबसे अंत में निकाली जाती है। दशहरे में जब सभी देवी प्रतिमाओं का विसर्जन हो जाता है उसके बाद सबसे आखिरी में महाकाली की शोभा यात्रा निकलती है। शहर में अकेली निकलने वाली महाकाली की शोभा यात्रा दशहरे के चार दिन बाद निकलती है और शरद पूर्णिमा के दिन इस प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है

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