अनूपपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के निर्देश पर देश भर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन 09 मई, 2026 को किया गया। नेशनल लोक अदालत एक वैकल्पिक मंच है जहाँ बिजली चोरी एवं अन्य विद्युत अनियमितताओं के प्रकरणों और लंबित मामलों सहित विभिन्न प्रकार के मामलों का मैत्रीपूर्ण समाधान किया जाता है। इसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य त्वरित और किफायती न्याय प्रदान करना है। नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अन्य विद्युत अनियमितताओं के प्रकरणों में समझौते हुए। कार्यपालन अभियन्ता अरुणेन्द्र प्रसाद मौर्य ने बताया है कि 09 मई 2026 (शनिवार) को न्यायालय परिसर अनूपपुर में नरेन्द्र पटेल विशेष न्यायाधीश (विद्युत् अधिनियम) की अदालत में आयोजित नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अन्य अनियमितताओं के लंबित 195 प्रकरणों में से 65 प्रकरणों को आपसी समझौते और उभयपक्षों के मध्य राजीनामा के माध्यम से निराकृत किया गया। धारा 135 के अंतर्गत विद्युत चोरी के बनाए गए लंबित प्रकरण एवं अदालत में लंबित प्रकरणों में निराकरण के लिये निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में नियमानुसार छूट का लाभ भी दिया गया। इसके पूर्व दिनांक 14.03.2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया था, जिसमें बिजली चोरी एवं अन्य विद्युत अनियमितताओं के लंबित 332 प्रकरणों में से 151 प्रकरणों को आपसी समझौते और उभयपक्षों के मध्य राजीनामा के माध्यम से निराकृत किया गया था। वर्तमान में मई माह में अधिक गर्मी का मौसम होने तथा शादी ब्याह का सीजन होने के पश्चात् भी नेशनल लोक अदालत में लंबित 195 प्रकरणों में से 65 प्रकरणों को आपसी समझौते और उभयपक्षों के मध्य राजीनामा के माध्यम से निराकृत किया गया। कार्यपालन अभियन्ता अरुणेन्द्र प्रसाद मौर्य ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत विद्युत चोरी के प्रकरणों में, प्रीलिटिगेशन प्रकरणों एवं विशेष न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से पुनः अपील की है कि आगामी नेशनल लोक अदालत में भी आपसी समझौते और राजीनामा के माध्यम से प्रकरण का निराकरण करावे ।


