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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राजनाथ ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दी

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)| रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मौजूदा कोविड-19 संकट से निपटने के लिए देश भर के भीड़-भाड़ वाले 51 पूर्व सैन्यकर्मी अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) पॉलीक्लिनिक में अधिकृत कर्मचारियों के अतिरिक्त अनुबंध कर्मचारियों की अस्थायी भर्ती को मंजूरी दे दी है। इन ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के लिए एक-एक चिकित्सा अधिकारी, नसिर्ंग असिस्टेंट, फार्मासिस्ट, वाहन चालक और चौकीदार सहित अनुबंध कर्मचारियों को तीन महीने की अवधि के लिए सामान्य कामकाज के घंटों के इतर रात में काम करने के लिए स्टेशन मुख्यालय के माध्यम से काम पर रखा जाएगा।

इस फैसले से इन शहरों में पूर्व सैन्यकर्मियों और उनके आश्रितों के लिए रात के घंटों के दौरान भी तत्काल चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इस मंजूरी की वैधता 15 अगस्त, 2021 तक है।

रक्षा प्रमुख यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने कोरोना महामारी से निपटने के लिए सशस्त्र बलों की तैयारियों और अभियानों की समीक्षा की।

रक्षा प्रमुख ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि पिछले 2 वर्षों में सेवानिवृत्त या समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने वाले सशस्त्र बलों के सभी चिकित्साकर्मियों को उनके वर्तमान निवास स्थान के निकट स्थित कोविड अस्पतालों में कार्य करने के लिए वापस बुलाया जा रहा है। अन्य चिकित्सा अधिकारियों, जो और पहले सेवानिवृत्त हुए थे, से भी अनुरोध किया गया है कि वे परामर्श के लिए अपनी सेवाएं चिकित्सा आपातकालीन हेल्पलाइन के माध्यम से उपलब्ध कराएं।

प्रधानमंत्री को यह भी बताया गया कि कमांड मुख्यालय, कोर मुख्यालय, डिवीजन मुख्यालय और इसी तरह के नौसेना एवं वायु सेना के मुख्यालय में स्टाफ अपॉइंटमेंट पर तैनात सभी चिकित्सा अधिकारियों को अस्पतालों में नियुक्त किया जाएगा।

रक्षा प्रमुख ने प्रधानमंत्री को सूचित किया कि अस्पतालों में डॉक्टरों के पूरक कार्यों में सहायता करने के लिए बड़ी संख्या में नसिर्ंग कर्मियों को नियुक्त किया जा रहा है। प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी गई कि सशस्त्र बलों के विभिन्न प्रतिष्ठानों में उपलब्ध ऑक्सीजन सिलेंडर अस्पतालों के लिए जारी किए जाएंगे।

रक्षा प्रमुख ने यह भी कहा कि वे बड़ी संख्या में चिकित्सा सुविधाएं तैयार कर रहे हैं और जहां संभव हो सकेगा, सैन्य चिकित्सा से जुड़ी अवसंरचना को नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना द्वारा भारत और विदेशों में ऑक्सीजन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाए जा रहे अभियानों की भी समीक्षा की।

प्रधानमंत्री ने रक्षा प्रमुख के साथ इस बात पर भी चर्चा की कि केंद्रीय एवं राज्य सैनिक कल्याण बोडरें और विभिन्न मुख्यालयों के वरिष्ठ सैन्य कर्मी प्रकोष्ठों में तैनात अधिकारियों को सुदूर क्षेत्रों सहित अधिकतम सीमा तक पहुंच को विस्तारित करने के लिए वरिष्ठ सैन्य कर्मियों की सेवाओं के समन्वय के निर्देश दिए जा सकते हैं।

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