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बिहार: धर्म, मजहब से परे रेस्टोरेंटों में कोरोना संक्रमितों के लिए मुफ्त भोजन

पटना, 4 मई (आईएएनएस)| बिहार में कोरोना के दूसरी लहर में जहां संक्रमितों की संख्या बढने लगी तब धर्म, मजहब से परे इंसानियत के नाते कोविड के संक्रमितों के लिए पटना में चूल्हे गर्म होने लगे और खाना पकने लगा। पटना के कुछ रेस्टोंरेंट में जब ग्राहक कम हुए तो उन्होंने इंसानियत के नाते कोरोना संक्रमितों के लिए खाना पकाने और उन्हें नि:शुल्क दोनों समय का भोजन पहुंचाने का काम शुरू कर दिया। बिहार में कोरोना से लड़ाई में यह एकजुटता यह संदेश भी दे रहा है कि लोगों में संवेदनशीलता और इंसानियत अभी जिंदा है । इसी के साथ इन भावनाओं ने कोरोना के खिलाफ लडाई में विजय होने का विश्वास भी बढा दिया है।

पटना के पटेल नगर स्थित ‘विन्स फुड कोर्ट’ और आरपीएस मोड स्थित ‘आनंद विहार रेस्टोरेंट’ कोरोना संक्रमितों के लिए भोजन बना रहा है और उन्हें नि:शुल्क भोजन पहुंचा रहा है। दोनों रेस्टोरेंट के मालिक दिलीप सिंह और उनके मित्र विशाल सिंह खुद अपनी देखरेख में यह काम कर रहे हैं।

पटना के राजीव नगर के रहने वाले विशाल सिंह आईएएनएस से कहते हैं कि ‘एक सप्ताह पूर्व उन्हें रूकनपुरा स्थित एक चिकित्सक परिवार को कोरोना संक्रमित होने के कारण भोजन को लेकर हो रही परेशानी की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल इसके लिए रेस्टोरेंट से खाना पैक करवाया और उन्हें भिजवाया।’

इसके बाद दोनों मित्रों ने अपने-अपने मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिए और सोशल मीडिया पर ऐसे संक्रमित लोगों के लिए खाने भेजने की सूचना दे दी। इसके बाद इन्होंने ऐसे लोगों को खाना भिजवाना प्रारंभ कर दिया।

दिलीप सिंह आईएएनएस से कहते हैं, ‘फिलहाल प्रतिदिन 175 से 200 लोगों के लिए खाना भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव नगर ,जय प्रकाश नगर, केशरी नगर, पटेल नगर, इंद्रपुरी, आशियाना नगर, रूपसपुर , रुकनपुरा, गोला रोड और सगुनाा मोड के तरफ से जितने भी संक्रमित परिवारों के फोन आ रहे हैं, उन्हें नि:शुल्क यह सुविधा दी जा रही है।’

Bihar: Religion, Religious Religion, Even in Restaurants, Cooked Bread for Corona Infected

उन्होंने बताया कि ‘यह सेवा बिल्कुल नि:शुल्क है और समय पर शुद्ध और पौष्टिक खाना भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि दूर-दूर से भी कई संक्रमित परिजनों के फोन आते हैं, लेकिन दूर होने के कारण उनको खना भेज तो हम नहीं पाते हैं, लेकिन अगर कोई व्यक्ति खुद यहां से ले जाना चाहे तो हमलोग उसे भी भोजन उपलब्ध कराते हैं।’

विशाल सिंह कहते हैं कि रेस्टोरेंट में अभी ग्राहक कम आ रहे थे, ऐसे में हम लोगों ने इस कार्य का बीड़ा उठाया।

सिंह कहते हैं, ‘अपने होटल मैनेजमेंट डिग्री का उपयोग कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए काम आ रही है। अभी लगभग 200 लोगों का मुफ्त भोजन सुबह शाम बना रहे है और उनके घर तक पहुंचाने का काम हमारी टीम द्वारा की जा रही है।’

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उन्होंने कहा कि ‘पूर्वाह्न् 11 बजे से डिलीवरी का काम प्रारंभ होता है, जो रात के 11 बजे तक चलता है। उन्होंने कहा कि जो भी कोरोना संक्रमित परिवार फोन करते हैं, उनको खाना पहुंचाया जा रहा है। खाने में रोटी, चावल, दाल, सब्जी होता है। उनको इस बात का मलाल है कि दूर-दराज के लोगों के लिए वे मदद नहीं कर पा रहे है।’

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