Seetimes
Crime World

यरुशलम में ताजा संघर्ष में दर्जनों घायल

यरुशलम, 10 मई (आईएएनएस)| इजरायल के सुरक्षा बलों और फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों के बीच हुई ताजा लड़ाई सोमवार को ओल्ड सिटी के कुछ हिस्सों में पहुंच गई । इस झड़प में दर्जनों लोग घायल हो गए और एक फिलिस्तीनी परिवार को उनके घर से बेदखल करने की कोशिश में वे लोग यरूशलम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक में पहुंच गए। समाचार एजेंसी डीपीए न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रेड क्रीसेंट संगठन ने अल-अक्सा मस्जिद में लड़ाई के बाद कम से कम 50 लोगों के घायल होने की सूचना दी, जिनमें से कम से कम 50 को अस्पताल भेजा गया।

पश्चिम बैंक और यरुशलम के अरब बहुल पूर्वी हिस्से में स्थिति रमजान के उपवास महीने की शुरूआत से तनावपूर्ण रही है, जो इस सप्ताह के अंत में समाप्त होने वाली है।

कई फिलिस्तीनी गुस्से में हैं क्योंकि इजरायली पुलिस ने सभाओं को रोकने के लिए ओल्ड सिटी के इलाकों को बंद कर दिया था।

इसके अलावा, शेख जर्राह में कुछ फिलिस्तीनी परिवारों को इजरायल के अधिकारियों द्वारा अपने घरों से बेदखली का सामना करना पड़ रहा है और तनाव बढ़ रहा है।

सोमवार के लिए अपेक्षित निष्कासन पर सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले को स्थगित कर दिया गया था।

सोमवार को इजरायल में यरूशलम दिवस पर होने वाले फ्लैग मार्च में हिसा हुई। 1976 में इसरायल द्वारा पूर्वी-यरुशलम पर कब्जा करने की याद में मनाया जाता है। फिलिस्तीनियों ने पूर्वी यरूशलम को किसी भी स्वतंत्र देश की संभावित राजधानी के तौर पर देखा और इसरायल के दावे का मुकाबला किया।

हिंसा को कम करने के प्रयास में, इसरायल के अधिकारियों ने पुराने शहर और टेम्पल माउंट के माध्यम से यहूदी समूहों द्वारा परेड पर प्रतिबंध लगा दिया है।

टाइम्स ऑफ इजराइल ने इजरायल के राजनयिकों का हवाला देते हुए बताया, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को एक आपातकालीन सत्र में बैठक की थी जिसमें बढ़ती हिंसा पर चर्चा की जा सके।

तीन सुरक्षा परिषद के राजनयिकों ने समाचार पत्र को बताया कि ट्यूनीशिया के एक अनुरोध के बाद परिषद को बंद दरवाजों के पीछे मिलना है।

मुस्लिम और यहूदी दोनों धर्मों के सदस्य मस्जिद और उसके आसपास के क्षेत्रों में ज्यादा धार्मिक महत्व देते हैं, जिससे वहां झड़पों की संभावना ज्यादा होती है।

सोमवार को स्थानीय मीडिया द्वारा दिखाई गई छवियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ फ्लैश ग्रेनेड का उपयोग करते हुए सुरक्षा अधिकारियों को दिखाया, जिसका जवाब फिलिस्तीनियों ने चट्टानों को फेंककर दिया।

एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस “चरमपंथियो” को सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने की अनुमति नहीं देगी।

हाल के दिनों में झड़पें और अधिक बढ़ गई हैं।

7 मई को, लगभग 300 फिलिस्तीनियों और 20 पुलिस अधिकारियों ने हिंसा का सामना किया।

अन्य ख़बरें

दिल्ली पुलिस ने उप्र से 1 लाख रुपये इनामी ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया

Newsdesk

झारखंड : धनबाद में युवक ने खुदकुशी करने से पहले मां, सौतेले पिता और भाई की हत्या की

Newsdesk

ऑनल किलिंग? लड़की के परिवार वालों के खिलाफ एफआईआर

Newsdesk

Leave a Reply