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राशन माफिया के काबू में है दिल्ली सरकार : भाजपा

नर्द दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)| भाजपा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है। शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, “अरविंद केजरीवाल राशन की होम डिलीवरी करवाने के बारे में बात कर रहे हैं, जबकि वह मोहल्ला क्लीनिक से घर की चौखट तक दवा या ऑक्सीजन की डिलीवरी नहीं कर सके।”

रविशंकर प्रसाद ने कहा, राशन की होम डिलीवरी भी ‘जुमला’ है। दिल्ली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा, “अधिनियम एक सतर्कता समिति द्वारा राशन की दुकानों की आवधिक लेखा परीक्षा और निगरानी प्रदान करता है।”

उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्यों में दो रुपये प्रति किलो गेहूं, तीन रुपये प्रति किलो चावल देती है, जबकि चावल और गेहूं की कीमत क्रमश: 37 रुपये और 27 रुपये प्रति किलो है।

उन्होंने कहा, “सरकार राज्यों को राशन की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए रियायती अनाज देती है। सरकार ने सब्सिडी पर सालाना लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।”

प्रसाद ने आगे कहा कि पिछले साल की तरह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इस साल भी गरीबों को नवंबर तक मुफ्त राशन दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर महीने 73 लाख लोगों में वितरण के लिए दिल्ली सरकार को 37,573 टन खाद्यान्न उपलब्ध कराती है।

केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि केजरीवाल सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में वन नेशन, वन राशन कार्ड क्यों नहीं लागू किया है, जिसे तीन राज्यों को छोड़कर पूरे देश में लागू किया गया है।

उन्होंने आगे दावा किया कि दिल्ली में चार लाख फर्जी राशन कार्ड मिलने के बाद केजरीवाल सरकार ने राशन माफिया के दबाव में जनवरी 2018 में इसे शुरू करने के चार महीने के भीतर पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों के प्रमाणीकरण को रोक दिया।

प्रसाद ने कहा, “दिल्ली की राशन की दुकानों में अप्रैल 2018 से अब तक पीओएस मशीनों के माध्यम से लाभार्थियों का प्रमाणीकरण शुरू क्यों नहीं हुआ?”

उन्होंने यह भी दावा किया कि केजरीवाल सरकार के पास शहर में एससी/एसटी लाभार्थियों का कोई डेटा नहीं है।

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार को राशन की होम डिलीवरी और केंद्र से खाद्यान्न खरीदने के लिए एक नई योजना लानी चाहिए।

उन्होंने आखिर में कहा, “केजरीवाल की नई योजना के लिए सरकार उचित मूल्य पर राशन उपलब्ध कराएगी।”

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