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54 फीसदी लोगों के मुताबिक हर्षवर्धन को बलि का बकरा बना गया : आईएएनएस-सी वोटर स्नैप पोल

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)| पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को कैबिनेट से बाहर किए जाने की बात ज्यादातर लोगों को रास नहीं आई है। आईएएनएस सी वोटर स्नैप पोल के अनुसार, आधे या 54 प्रतिशत से अधिक जवाब देने वाले लोगों ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों को हुई कठिनाइयों के लिए हर्षवर्धन अकेले जिम्मेदार नहीं हैं। उन्हें बस बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हालांकि, 29 प्रतिशत लोग हालांकि इस धारणा से असहमत थे।

सर्वेक्षण के नमूना का आकार 1200 है और यह सभी क्षेत्रों में वयस्क उत्तरदाताओं के साथ साक्षात्कार पर आधारित है।

नए मंत्रियों के आने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी भी तरह की राहत की उम्मीद कम है। 55 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री को हटाने और हरदीप पुरी को इस पद पर नियुक्त करने से पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर रोक नहीं लगेगी जबकि 34 प्रतिशत मानते हैं कि इस पर रोक सम्भव है।

एक नए शिक्षा मंत्रालय को लेकर सकारात्मक रुख देखा गया है। जवाब देने वाले 52 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि इससे देश में शिक्षा की स्थिति में सुधार होगा जबकि 35 प्रतिशत लोग इससे असहमत दिखे।

बुधवार को मोदी सरकार में एक बड़ा फेरबदल किया गया। इस फेरबदल मं कई दिग्गज मंत्रियों को प्रमुख विभागों से हटा दिया गया।

इनमें से अधिकांश इस्तीफे अप्रत्याशित थे और सामान्य अटकलों का हिस्सा नहीं थे,जो कि कैबिनेट फेरबदल से आमतौर पर पहले होता है।

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन कोविड की दूसरी लहर के कथित कुप्रबंधन के कारण पदमुक्त किए गए क्योंकि कोविड की दूसरी लहर ने देश में महज कुछ दिनों में लाखों लोगों की जान ले ली।

कोरोना की स्थिति के लिए हर्षवर्धन की व्यापक रूप से आलोचना की गई क्योंकि स्वास्थ्य मंत्रालय को कोविड की स्थिति और वैक्सीन प्रशासन के प्रबंधन के लिए नोडल मंत्रालय के रूप में देखा जाता है।

वरिष्ठ मंत्रियों में शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, सदानंद गौड़ा, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने भी इस्तीफा दे दिया है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद और सूचना एवं प्रसारण तथा पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सहित मोदी सरकार से 12 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन सभी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

राज्य मंत्रियों में महिला एवं बाल विकास मंत्री देबाश्री चौधरी, जल शक्ति और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री रतन लाल कटारिया, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी, पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो, और उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण के राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे पाटिल, सभी ने इस्तीफा दे दिया है।

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