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इंदौर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए बने पर्यावरण हितैषी कुंड

इंदौर, 19 सितम्बर (आईएएनएस)| गणेश उत्सव के समापन पर गणेश प्रतिमाओं के जल स्त्रोत में विसर्जन की परंपरा है, इसके चलते कई तरह की परेशानियों का सामना करना होता है, इससे बचने के लिए इंदौर में नगर निगम ने जनभावनाओं के मद्देजनर पारंपरिक तरीके का सहारा लिया है ओर प्रतिमा स्थलों पर ही पर्यावरण हितैषी कुंडों की व्यवस्था की है।

गणेशोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं अगले बरस तू जल्दी, गणपति बप्पा मोरिया के उद्घोष के साथ अपने आराध्य को विदाई देते है। इस दौरान जलस्त्रोतों पर बड़ी संख्या में लोगों केा जमावड़ा होता है। जलस्त्रोत प्रदूषित न हों और लोगों को सुविधा हो इसलिए जनभावनाओं के अनुरूप पारंपरिक तरीके से श्री गणेश प्रतिमा के विसर्जन हेतु नगर निगम ने समस्त मूर्ति संग्रह स्थल पर पर्यावरण हितेषी कुण्ड की व्यवस्था की गई है। उक्त कुण्ड में नागरिकों, धर्मालुजनों के द्वारा पूर्ण आस्था के साथ स्वयं के हाथो से भगवान श्री गणेश की मिट्टी से निर्मित प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।

आयुक्त नगर निगम प्रतिभा पाल द्वारा श्री गणेश प्रतिमा का एकत्रीकरण व विसर्जन से संबंधित कार्यवाही हेतु समस्त विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ समस्त जोनल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गये।

नगर निगम के अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने बताया कि आयुक्त नगर निगम प्रतिभा पाल के निर्देशों के क्रम में अनंत चतुर्दशी को दोपहर दो बजे से एवं उसके अगले दिन 20 सितम्बर को प्रात: 10 बजे तक पर्यावरण संरक्षण को ²ष्टिगत रखते हुए निगम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर बडे-छोटे अस्थायी पर्यावरण हितैषी कुण्ड में नागरिक अपने हाथों से मिट्टी से निर्मित श्री गणेश प्रतिमाओं को विजर्सन कर सकते हैं। साथ ही शेष रही प्रतिमाएं निगम द्वारा चिंहांकित स्थान पर एकत्रित की जाएगी, जहां से उन्हे सुरक्षित जवाहर टेकरी पर वर्षाऋतु से भरे जल में 20 सितम्बर को विधि-विधान से पूजन कर विसर्जन किया जाएगा।

नगर निगम के आयुक्त प्रतिभा पाल ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि निगम द्वारा तालाबों को सुरक्षित रखने तथा पर्यावरण के बचाव हेतु समस्त जोनल कार्यालय सहित समस्त वाडरे में चिंहित स्थानों पर अस्थायी पर्यावरण हितैषी कुण्ड रखे जाएंगे ताकि उनमें मिट्टी से निर्मित श्री गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सके। नागरिकों को पर्यावरण सुरक्षा एवं जल प्रदूषण को रोकने की ²ष्टि से विसर्जन से पूर्व श्री गणेश प्रतिमा की पूजन सामग्री (यथा माला, वस्त्र, नारियल, फूल व पत्ती) को एक पृथक बास्केट में ही रखने की अपील भी की गई है।

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