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October 22, 2021
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मप्र में सौ आंगनवाड़ी भवनों और 10 हजार पोषण वाटिका का होगा लोकार्पण

भोपाल, 20 सितम्बर (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनकल्याण और सुराज के 20 वर्ष पूरे होने पर आत्म-निर्भर भारत के संकल्प पूर्ति की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा रही है। इसी श्रंखला में प्रदेश के 32 जिलों के 103 नवनिर्मित आंगनवाड़ी केंद्रों और 52 जिलों की 10 हजार पोषण वाटिकाओं का वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से लोकार्पण किया जाएगा। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 21 सितंबर को खण्डवा जिले में आयोजित कार्यक्रम में 22 जिलों के 10 हजार गंभीर कुपोषण से सामान्य पोषण स्तर में आये बच्चों की माताओं को पोषण अधिकार सूचना पत्र भी प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना के अंतर्गत 25 हजार गर्भवती एवं धात्री माताओं को पांच करोड़ रुपए की मातृत्व सहायता राशि का वितरण करेंगे। साथ ही लाडली लक्ष्मी योजना में कक्षा 6वीं, 9वीं, 11वीं एवं कक्षा 12वीं की लगभग 75 हजार 961 लड़कियों को 21 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति राशि का वितरण भी किया जाएगा।

प्रदेश में महिला-बाल विकास विभाग के अंतर्गत 84 हजार 465 आंगनबाड़ी केंद्र एवं 12 हजार 670 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 8903 आंगनबाड़ी केंद्र शहरी क्षेत्र में, 24004 आदिवासी क्षेत्र में तथा ग्रामीण क्षेत्र में 51 हजार 558 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं।

वर्तमान परिस्थितियों में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सब्जियों और फलों की उपलब्धता विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिये चुनौती है। महिला-बाल विकास विभाग द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि ऐसी परिस्थितियों में शासकीय संस्थाओं और जरूरतमंद परिवारों के स्तर पर आसानी से उगाने वाली फल एवं सब्जियों को लगाते हुए पोषण वाटिका स्थापित किए जाये। भारत सरकार ने पोषण अभियान के अंतर्गत प्रदेश में स्थानीय परिवारों, समुदाय, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य शासकीय भवनों में पोषण वाटिका ‘न्यूट्री गार्डन’ का निर्माण कर स्थानीय स्तर पर विविधता को बढ़ावा दिये जाने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में शासकीय भवनों एवं किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग 42 हजार पोषण वाटिकाओं का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के घर और गांव के अन्य स्थानों में 21 हजार पोषण वाटिका तैयार की गई और पूरे प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुल 63 हजार पोषण वाटिकाएं निर्मित की गईं हैं।

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