Jabalpur News Today। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया (OFK) से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें फैक्ट्री परिसर में आयोजित विश्वकर्मा जयंती के कार्यक्रम के दौरान कुछ रूसी महिलाएं और भारतीय कर्मचारी फिल्मी गीतों पर डांस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो कथित तौर पर 17 सितंबर का है, जिस दिन फैक्ट्री में परंपरागत पूजा के बाद म्यूजिक सिस्टम पर ‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से’ जैसे गाने बजाए गए, और कर्मचारी एवं ट्रेनिंग पर आईं रशियन महिला टेक्नीशियंस थिरकते नजर आए।
हिंदू संगठन ने जताया विरोध
इस वीडियो के सामने आने के बाद हिंदू सेवा परिषद ने कड़ा ऐतराज जताया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अतुल जैसवानी ने कहा कि एक रक्षा प्रतिष्ठान में सनातन धर्म के पर्व के अवसर पर फिल्मी गानों पर डांस करना अशोभनीय है और इसे अश्लीलता बताते हुए विरोध की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही संगठन का प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर रक्षा अधिकारियों से मुलाकात करेगा।
पूर्व कर्मचारी ने किया आयोजन का समर्थन
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए फैक्ट्री के पूर्व कर्मचारी और जेसीओ सदस्य अरुण दुबे ने कहा कि यह आयोजन सालों पुरानी परंपरा का हिस्सा है और इसे अनावश्यक विवाद बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश काल से ही विश्वकर्मा जयंती पर फैक्ट्री के सभी सेक्शनों में पूजा, झांकियों की सजावट और औजारों की पूजा की परंपरा रही है। चूंकि इस दिन मशीनों का उपयोग नहीं किया जाता, इसलिए कर्मचारी आपस में खुशियां साझा करते हैं। उसी दौरान कुछ कर्मचारी और रूस से आई महिलाएं, जो एक प्रोजेक्ट के तहत फैक्ट्री में कार्यरत हैं, सांस्कृतिक माहौल में डांस में शामिल हो गईं।
फैक्ट्री प्रबंधन ने दी सफाई
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया प्रबंधन ने भी बयान जारी कर स्पष्ट किया कि 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती पर हर साल की तरह पूजा-अर्चना, मशीनों की सफाई और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इस बार फैक्ट्री में चल रहे रूसी तकनीकी परियोजना के तहत रशियन टेक्नीशियन भी फैक्ट्री में उपस्थित थे। भारतीय श्रमिकों के साथ उन्होंने भी स्वेच्छा से कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रबंधन ने जोर देकर कहा कि वायरल वीडियो में कोई गैरकानूनी गतिविधि या सुरक्षा चूक नहीं हुई है और पूरे आयोजन में मर्यादा का पालन किया गया।
वीडियो बनाने वाले की जांच
बताया जा रहा है कि वीडियो फैक्ट्री के ही एक कर्मचारी ने मोबाइल से बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे यह विवाद खड़ा हुआ। अब फैक्ट्री प्रशासन वीडियो लीक की जांच कर रहा है।
निष्कर्ष: यह मामला एक धार्मिक और पारंपरिक आयोजन के दौरान हुए सांस्कृतिक सहभागिता और सुरक्षा संस्थान की मर्यादा के बीच संतुलन का सवाल बन गया है। जहां एक ओर कुछ संगठन इसे संवेदनशीलता की सीमा का उल्लंघन मानते हैं, वहीं दूसरी ओर फैक्ट्री प्रबंधन इसे स्थानीय परंपरा और सौहार्द का प्रतीक बता रहा है


