कुरई/सिवनी – जिले के विकासखंड कुरई अंतर्गत ग्राम परतापुर में उस समय कौतूहल का माहौल बन गया, जब एक विशाल गिद्ध अचानक गांव में आकर बैठ गया। गिद्ध के पंखों में लगे जीपीएस ट्रैकर और कैमरा को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही विभाग सक्रिय हुआ और जांच में सामने आया कि यह गिद्ध महाराष्ट्र क्षेत्र से उड़कर यहां पहुंचा है, जो पिछले एक दिन से लापता था।
सुबह 11 बजे मिला, ग्रामीणों ने की देखरेख
बताया गया कि गिद्ध को सबसे पहले सुबह करीब 11 बजे गांव के बच्चों ने देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने पूरे दिन उसकी निगरानी की और पानी व भोजन की व्यवस्था कर उसे सुरक्षित रखा।
महाराष्ट्र की संयुक्त टीम ने किया रेस्क्यू
महाराष्ट्र से पहुंची वन विभाग की टीम ने गिद्ध को सुरक्षित रेस्क्यू किया। टीम के अधिकारी मदन महादेव ने बताया कि गिद्धों के संरक्षण के लिए महाराष्ट्र में “मल्चर संयुक्त प्रोजेक्ट” के तहत कार्य किया जा रहा है। यह गिद्ध 11 दिसंबर को पेंच क्षेत्र (महाराष्ट्र) में छोड़ा गया था, जो भटककर परतापुर पहुंच गया।
रेस्क्यू के बाद गिद्ध को वापस महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है, जहां उसकी उचित देखभाल और भोजन की व्यवस्था की जाएगी।
ग्रामीणों की सतर्कता बनी मिसाल
इस पूरे घटनाक्रम में परतापुर के ग्रामीणों की सजगता और संवेदनशीलता देखने को मिली, जिन्होंने समय रहते सूचना देकर वन्यजीव की सुरक्षा सुनिश्चित की।
*इनका कहना है*
“अचानक उड़कर यह गिद्ध यहां आ गया था, जिसे अब रेस्क्यू कर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। वहां इसकी समुचित देखभाल की जाएगी।”
— मदन महादेव, वन विभाग अधिकारी, महाराष्ट्र
*इनका कहना है*
“सुबह करीब 11 बजे बच्चों ने गिद्ध को देखा था। इसके बाद हमने पूरे दिन उसकी देखरेख की और पानी आदि पिलाकर सुरक्षित रखा।”
— अजय सहारे, ग्रामीण, परतापुर


