जबलपुर। अंजनीसुत, रामभक्त श्री हनुमान के प्राकट्योत्सव पर संस्कारधानी जबलपुर आज पूरी तरह भक्ति और उत्साह में सराबोर नजर आई। शहर के छोटे-बड़े सभी हनुमान मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
बुधवार से ही मंदिरों की विशेष सजावट शुरू हो गई थी। आकर्षक विद्युत सज्जा, फूलों की झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिरों को सजाया गया। गुरुवार सुबह होते ही भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचने लगे और दिनभर पूजन-अर्चन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा।
गौरीघाट में सवा लाख नारियल हवन, रात में महाआरती
रामलला मंदिर गौरीघाट में स्थित प्राचीन बाल हनुमान जी की प्रतिमा को विशेष पंडाल में प्रतिष्ठित किया गया। यहां सुबह से सवा लाख नारियल से भव्य हवन प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक चलेगा। संध्या आरती के बाद रात्रि 1 बजे विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
शहरभर में अखंड पाठ, हवन और भंडारे
स्नेह नगर, हनुमानपुरी और पंचमुखी हनुमान मंदिरों में अखंड रामायण और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। पाठ के समापन के बाद हवन, कन्या पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। शाम को संगीतमय भजनों की प्रस्तुति ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया।
गढ़ा में 1500 किलो लड्डू का भोग
गढ़ा स्थित प्राचीन मंदिर में परंपरा अनुसार इस वर्ष भी 1500 किलो लड्डू का भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं में इस प्रसाद को पाने के लिए विशेष उत्साह देखने को मिला।
बड़े महावीर मंदिर और शक्तिनगर में विशेष आयोजन
बड़ा फुहारा स्थित प्राचीन बड़े महावीर मंदिर में सुबह हवन और आरती के बाद दोपहर से भंडारा शुरू हुआ। वहीं शक्तिनगर के दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में मारूति महायज्ञ की पूर्णाहुति देकर भक्तों के लिए प्रसाद वितरण किया गया।
अधारताल और मदनमहल में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला
अधारताल स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में विग्रह अभिषेक, हवन, कन्या भोज और शाम को विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। मदनमहल के श्रीराम मंदिर में सामूहिक सुंदरकांड पाठ, अखंड रामायण समापन और भजन-कीर्तन के साथ भंडारा हुआ।
101 लीटर दूध से महाभिषेक
सदर क्षेत्र के श्री शिवा हनुमंत शनि मंदिर में 101 लीटर दूध से हनुमान जी का महाभिषेक किया गया। इसके साथ ही सुंदरकांड पाठ और कन्या पूजन भी संपन्न हुआ।
भक्ति के साथ सेवा का संगम
मणिदीप खेरमाई मंदिर, विजय नगर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पूजन-अर्चन के बाद भंडारे आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं के लिए खीर-पूड़ी, सब्जी-पूड़ी, पुलाव और कढ़ी-चावल का प्रसाद वितरित किया गया।
निकाली गई भव्य दुपहिया वाहन रैली
हनुमान प्राकट्योत्सव के अवसर पर सनातन धर्म समरस हिन्दू संगठन, श्रीराम भक्त मंडल और रामनगर गणेशोत्सव समिति के तत्वावधान में भगवा ध्वजों के साथ भव्य दुपहिया वाहन रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर उत्साह और श्रद्धा का परिचय दिया।
हर गली-मोहल्ले में भंडारे, हर दिल में भक्ति
शहर के विभिन्न इलाकों में जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्यों में जुटे रहे। कहीं प्रसाद वितरण तो कहीं भजन-कीर्तन—हर ओर धर्म, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कुल मिलाकर, हनुमान प्राकट्योत्सव ने एक बार फिर संस्कारधानी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया, जहां आस्था के साथ-साथ सेवा और समरसता का संदेश भी पूरे शहर में गूंजता रहा।


