जर्जर भवनों के आभाव में विद्यार्थियों को पढ़ने हो रही थी परेशानी-विवेक पटेलवारासिवनी*-क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वारासिवनी-खैरलांजी क्षेत्र के आठ नए प्राथमिक शाला के नवीन भवन की स्वीकृति मिली है।इन सभी भवनों के निर्माण लगभग एक करोड़ रुपयों की लागत से किया जाएगा।यह स्वीकृति वारासिवनी- खैरलांजी क्षेत्र के विधायक विवेक विक्की पटेल के प्रयासों के बाद मिली है।ये भवन उन स्कूलों के पास बनाए जाएंगे।जो बहुत ही जर्जर या खस्ताहाल इमारतों में संचालित हो रही है।विधायक विवेक विक्की पटेल ने बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों के जर्जर भवनों को तोड़कर नए भवनों के निर्माण की पहल की थी।विधायक विवेक पटेल के प्रयासों के बाद शासकीय कन्या प्राथमिक शाला मेंहदीवाडा,शासकीय प्राथमिक शाला मेंहदीवाडा, शासकीय माध्यमिक शाला धोबीटोला,शासकीय प्राथमिक शाला सिर्रा,शासकीय प्राथमिक शाला हुड़कीटोला,शासकीय प्राथमिक शाला बिजटोला,फ़ोगलटोला और मरारीटोला में भवनों की स्वीकृति मिली है। इन सभी नवीन भवनों की स्वीकृति मिलने के बाद विधायक विवेक विक्की पटेल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री रावउदय प्रताप सिंह का आभार व्यक्त किया है।
*नवीन भवन बनने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में और सुधार आयेगा- विवेक पटेल*
विधायक विवेक विक्की पटेल ने कहा कि यह स्वीकृति क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव प्रयास उनकी पहली प्राथमिकता है।शिक्षा के क्षेत्र में विधानसभा के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।नए भवनों के निर्माण के बाद शिक्षा के क्षेत्र में और सुधार आयेगा।मै लगातार मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री रावउदय सिंह से लगातार मुलाकात कर क्षेत्र में जर्जर भवन को बनवाने की मांग की थी।जिसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है।यह भवन एक निर्माण नहीं,बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक छोटा सा कदम है।हमारा प्रयास है कि किसी भी बच्चों की पढ़ाई केवल संसाधनों की कमी के कारण प्रभावित ना हो।इन बच्चों को सम्मान जनक और सुरक्षित शिक्षा ग्रहण करवाना हमारी पहली जवाबदारी है।विधायक बनने के बाद मेरे द्वारा चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।ताकि कोई भी विद्यालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित ना रहे।


