भव्य हनुमान जन्मोत्सव में दिखा सामाजिक समरसता का संगम; प्रशासनिक अधिकारियों ने भी टेका मत्था
अनूपपुर।
अनूपपुर के सामतपुर क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भक्ति, सेवा और अटूट सामाजिक एकता का एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसे शहर लंबे समय तक याद रखेगा। *शिव मारुति युवा संगठन* द्वारा आयोजित इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में न केवल आस्था का सैलाब उमड़ा, बल्कि जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को चार चांद लगा दिए।
*प्रशासनिक अमले ने की पूजा-अर्चना*
कार्यक्रम की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी बजरंगबली का आशीर्वाद लेने पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ *श्रीमती अर्चना कुमारी*, पुलिस अधीक्षक *श्री मोती उर रहमान*, डिप्टी कलेक्टर *सुश्री प्राशी अग्रवाल* और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक *श्री जगन्नाथ मरकाम* सहित अन्य अधिकारियों ने श्री शिव मारुति मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और जिले की सुख-समृद्धि की कामना की।
*महाभंडारा: सुबह से रात तक लगा रहा तांता*
उत्सव का शुभारंभ प्रातः 9 बजे विशेष पूजन और महाआरती के साथ हुआ। दोपहर 12 बजे से ‘विशाल भंडारे’ (महाअन्नदानं) का श्रीगणेश हुआ, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। व्यवस्था ऐसी कि श्रद्धा और अनुशासन का अनूठा उदाहरण पेश हुआ।
*केसरिया रंग में रंगा शहर, बस स्टैंड पर हुई महाआरती*
शाम 4 बजे जब भव्य शोभायात्रा निकली, तो पूरा सामतपुर क्षेत्र केसरिया ध्वजों से पट गया। हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम, ढोल-नगाड़ों की थाप और रामभक्ति के गीतों पर थिरकते युवाओं ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया। नगर में जगह-जगह शोभायात्रा का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। अनूपपुर बस स्टैंड पर जब *सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ और महाआरती* हुई, तो पूरा आकाश ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठा।
*दिखी अद्भुत दीवानगी, संगठन ने जताया आभार*
शिव मारुति युवा संगठन की अपील पर इस बार अनूपपुर में जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता की एक नई इबारत लिखी गई। आयोजन समिति ने कहा कि:
“अनूपपुर में पहली बार ऐसी दीवानगी और एकजुटता देखी गई है। यह सफलता उन कार्यकर्ताओं की है जिन्होंने रातों की नींद त्यागी और उस जनता की है जिन्होंने सड़कों पर उतरकर प्रभु का स्वागत किया। आपकी उपस्थिति ही इस आयोजन की असली शक्ति थी।”
संगठन ने सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोगियों, पुलिस प्रशासन और श्रद्धालुओं का कोटि-कोटि धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस सफल आयोजन को अनूपपुर की एकता को समर्पित किया है।
*प्रमुख आकर्षण:*
*प्रशासनिक सहभागिता:* जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति।
*सामाजिक समरसता:* जात-पात से ऊपर उठकर सभी वर्गों की भागीदारी।
*भव्य शोभायात्रा:* हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब।
महाप्रसाद: सुबह से रात तक चला विशाल भंडारा।


