जबलपुर,१५ जुलाई (आरएनएस)। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि लोक स्वास्थ्य अीिायांत्रिकी विभाग (पीएचई) में सीधे भर्ती में संविदा कर्मचारियों को २० प्रतिशत आरक्षण देने पर विचार कर विधि अनुसार निर्णय लिया जाए। न्यायमूर्ति मनङ्क्षदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने इस संबंध में पीएचई विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ से कहा कि ९० दिन के भीतर याचिकाकर्ता कर्मियों के अभ्यावेदनों का निराकरण करो। जबलपुर निवासी अंजना सिसोदिया, महेन्द्र नारायण, नेहा सोनी, मंडला की नीलम पटेल सहित डिंडौरी, रीवा, सागर, पन्ना कटनी व अन्य जिलों में पीएचई विभग में पदस्थ दो दर्जन संविदा कर्मियों ने याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व राजभान लोधी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र १८ जून, २०१८ में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शासन स्तर पर की जाने वाली समस्त प्रकार की सीधी भर्तियों में, क्लास वन तथा क्लास टू को छोड़कर कम से कम पाँच वर्ष से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को २० प्रतिशत आरक्षण का लाभ सिर्फ एक बार ही दिया जाएगा।


