32.5 C
Jabalpur
September 30, 2022
Seetimes
व्यापार

सरकार ने छोटी कंपनी की परिभाषा में किया संशोधन, दायरे में आ सकेंगी कई और कंपनियां


नयी दिल्ली,17 सितंबर । सरकार ने छोटी कंपनियों के लिए चुकता पूंजी और कारोबार सीमा में संशोधन किया है जिससे अब और कंपनियां इसके दायरे में आ सकेंगी और उनका अनुपालन बोझ कम हो जाएगा।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कारोबार करने में सुगमता को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटी कंपनियों की परिभाषा में फिर से बदलाव किया है। कुछ नियमों में संशोधन करते हुए छोटी कंपनियों के लिए चुकता पूंजी की सीमा को मौजूदा दो करोड़ रुपये से अधिक नहीं से बढ़ाकर चार करोड़ रुपये से अधिक नहीं कर दिया गया; तथा कारोबार को 20 करोड़ रुपये से अधिक नहीं से बदलकर 40 करोड़ रुपये से अधिक नहीं कर दिया गया है।
नई परिभाषा आने से अब अधिक संख्या में कंपनियां ‘छोटी कंपनीÓ की श्रेणी में आ जाएंगी। मंत्रालय के मुताबिक छोटी कंपनियों को वित्तीय लेखा-जोखा के अंग के रूप में नकदी प्रवाह का लेखा-जोखा तैयार करने की जरूरत नहीं होती है। उन्हें लेखा परीक्षक के अनिवार्य रोटेशन की जरूरत भी नहीं होती है।
विज्ञप्ति के मुताबिक छोटी कंपनी के लेखा-परीक्षक के लिए जरूरी नहीं रहा कि वह आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों के औचित्य पर रिपोर्ट तथा अपनी रिपोर्ट में वित्तीय नियंत्रण की संचालन क्षमता प्रस्तुत करे। इसके अलावा इस श्रेणी की कंपनियों के निदेशक मंडल की बैठक वर्ष में केवल दो बार की जा सकती है।
‘छोटी कंपनीÓ श्रेणी की इकाइयों को मिलने वाले अन्य लाभ यह हैं कि कंपनी के वार्षिक रिटर्न पर कंपनी सेक्रटेरी हस्ताक्षर कर सकता है या कंपनी सेक्रेटरी के न होने पर कंपनी का निदेशक हस्ताक्षर कर सकता है। इसके अलावा छोटी कंपनियों के लिए जुर्माना राशि भी कम होती है।
हाल के समय में सरकार ने व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए हैं। इनमें कंपनी अधिनियम, 2013 और सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 के विभिन्न प्रावधानों को अपराध के वर्ग से निकालना शामिल हैं।

अन्य ख़बरें

अब 1 अक्टूबर 2023 से लागू होगा छह एयरबैग अनिवार्य करने का प्रस्ताव : नितिन गडकरी

Newsdesk

2500 करोड़ रुपये के निवेश का प्लेटफार्म तैयार, 5200 लोगों को मिलेगा रोजगार

Newsdesk

वेदांता का 2030 तक 2.5 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य

Newsdesk

Leave a Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy