उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन हिस्से के पास एक नाले की पाइप में मंगलवार को एक 27 वर्षीय मेडिकल स्टोर संचालक का शव मिला। युवक की पहचान हरैपुर गांव निवासी राम जीवन के बेटे अंकित के रूप में हुई है, जो पिछले पांच दिनों से लापता था।
परिवार के अनुसार, अंकित पिछले शुक्रवार शाम एक फोन कॉल आने के बाद घर से निकला था और फिर लौटकर नहीं आया। अगले दिन परिजनों ने बेहटामुजावर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मंगलवार को स्थानीय बच्चों ने एक्सप्रेसवे के पास एक पाइप से दुर्गंध आने की सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बांगर्मऊ क्षेत्राधिकारी अरविंद चौरसिया और बेहटामुजावर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस टीम ने जब जांच की तो 150 मीटर लंबे पाइप के करीब 20 मीटर अंदर एक सड़ा-गला शव बरामद हुआ। परिजनों को मौके पर बुलाकर पहचान कराई गई, जिसमें शव की पुष्टि अंकित के रूप में हुई।
पुलिस का शक है कि अंकित की हत्या कर शव को पाइप में फेंका गया है। उसकी गाड़ी और नंबर प्लेट अलग-अलग जगहों पर मिली हैं, जिससे यह मामला और संदिग्ध बन गया है।
सीओ चौरसिया ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “जांच चल रही है, जल्द ही हत्या की असल वजह सामने आएगी।”
अंकित के पिता ने हत्या की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि अंकित गौंसगंज क्षेत्र में मेडिकल स्टोर चलाता था और वह लोगों को पैसे भी उधार दिया करता था। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला भी हो सकता है।


