Indore News, 23 सितम्बर। मध्यप्रदेश के इंदौर के व्यस्त विजय नगर क्षेत्र में एक वाणिज्यिक भवन के अचानक धंसने से सोमवार शाम 14 लोग घायल हो गए। इस हादसे ने आपातकालीन प्रतिक्रिया को तुरंत सक्रिय कर दिया और शहरी सुरक्षा अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में 10 लोगों को इमारत के अंदर फंसा पाया गया था जिन्हें सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
उन्होंने बताया, “राहत-बचाव अभियान जारी है क्योंकि अभी भी दो लोग फंसे हुए हैं।”
यह घटना नियमित गतिविधियों के दौरान हुई, जब बहुमंजिला इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां मौजूद लोगों और राहगीरों में अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनने और धूल-धुएं का गुबार उठने का विवरण दिया।
स्थानीय दुकानदार रमेश पटेल ने बताया, “यह बेहद डरावना था। लोग चीखते हुए भाग रहे थे। कुछ लोग मलबे में दब गए थे।”
घटना के कुछ ही मिनटों में इंदौर नगर निगम, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
बचाव कार्य देर रात तक चलता रहा। इसमें जीवित लोगों को खोजने के लिए स्निफर डॉग्स और थर्मल इमेजिंग उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 11 अन्य को हल्की से मध्यम चोटें आईं। सभी को एमवाई अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन मरीज आईसीयू में भर्ती हैं।
सोमवार रात तक सभी घायलों की हालत स्थिर बताई गई।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इमारत में बिना अनुमति के संरचनात्मक बदलाव या खराब रखरखाव इसकी वजह हो सकते हैं।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के अधिकारियों ने इमारत और आसपास की संपत्तियों का विस्तृत संरचनात्मक ऑडिट शुरू कर दिया है।
इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा, “पूरी जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन ने इमारत को सील कर दिया है और एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को खाली कराया गया है। इस घटना ने तेजी से फैलते शहरी क्षेत्रों में भवन संहिता के पालन को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है।
नागरिक समूहों और स्थानीय निवासियों ने सख्त निगरानी और नियमित निरीक्षण की मांग की है ताकि इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके। नगर निगम अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी इमारत में संरचनात्मक अस्थिरता के संकेत दिखने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।


