जबलपुर। जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन तक सफर करने वाले यात्रियों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। यात्रियों ने आरोप लगाया है कि झांसी से निजामुद्दीन के बीच चलने वाली ट्रेनों में जीआरपी जवानों द्वारा उनसे जबरन पैसे वसूले जा रहे हैं और अनावश्यक रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है। यह दबंगई केवल जनरल और स्लीपर कोच तक सीमित नहीं है, बल्कि एसी कोचों में भी जीआरपी का रौब चलता दिख रहा है।
यात्रियों का कहना है कि झांसी स्टेशन के बाद जीआरपी स्क्वॉड ट्रेनों में सवार होता है और फिर निजामुद्दीन तक यात्रियों को तरह-तरह से परेशान किया जाता है—कभी टिकट जांच के नाम पर, तो कभी सामान की तलाशी लेकर। जबकि रेलवे नियमों के अनुसार रात के समय यात्रियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जा सकता है, लेकिन जीआरपी जवान एसी टू और थ्री टियर के कूपों के पर्दे तक हटा देते हैं।
गोंडवाना एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों ने बताया कि हाल ही में एक जज के परिजन सफर कर रहे थे। रात लगभग 11 बजे जीआरपी जवानों ने उनके कूपे के पर्दे हटाकर पूछताछ शुरू कर दी। विरोध करने पर जवान वहां से चले गए। इसी तरह एक यात्री को पूरी ट्रेन में साथ लेकर घुमाया गया और बाद में पैसों की लेन-देन के बाद उसे छोड़ दिया गया। कई यात्रियों ने बताया कि बिना कारण दो-दो सौ रुपए वसूल लिए जाते हैं।
यात्रियों का दर्द–कौन सुने?
अशोक दुबे: गोंडवाना में परिवार के साथ थे, आधी रात में सामान खुलवाकर देख गए।
राज लखवानी: श्रीधाम एक्सप्रेस के एसी कोच में पर्दे हटा दिए, अंदर महिलाएं सो रही थीं।
जाकिर हुसैन: वेटिंग टिकट पर टॉयलेट के पास बैठा था, जीआरपी ने 200 रुपए ले लिए।
अधिकारी का बयान
इस मामले पर एसआरपी सिमाला प्रसाद ने कहा—
“झांसी मंडल हमारे अधीन नहीं है। यदि ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो यात्री 197 पर शिकायत कर सकते हैं। हम मंडल को इस बारे में अवगत कराएंगे।”
शिकायत करें, चुप न रहें
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, लेकिन यात्रियों का कहना है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई होती नहीं दिख रही। लगातार बढ़ती शिकायतों ने यात्रियों में भय और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है।
रेलवे से यात्रियों ने मांग की है कि इस रूट पर जीआरपी की कार्यप्रणाली की जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आम रेलयात्रियों को राहत मिल सके और यात्रा सुरक्षित व सम्मानजनक हो सके।


