जबलपुर। इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र के एक पुलिस आरक्षक ने गरीब परिवार का सहारा बनकर उनके दुखों को कम किया। पांच बच्चियों की मां गीता वंशकार की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, लेकिन निधन के बाद परिवार के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे अपनी मां के शव को घर ले जा सकें।
गरीबी के चलते परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था। रांझी झंडा चौक निवासी गीता वंशकार के पति और बेटियाँ शव के पास बैठी रो रही थीं, और बेसब्री से किसी मदद का इंतजार कर रही थीं। इसी बीच, परिजन पास ही मौजूद पुलिस प्रीपेड एंबुलेंस सेवा में तैनात आरक्षक संजय सनोडिया के पास पहुंचे और अपनी स्थिति बताई।
मृतका के परिवार की करुण स्थिति देखकर आरक्षक संजय सनोडिया ने तुरंत मानवता का परिचय दिया। उन्होंने निजी स्तर पर निशुल्क एंबुलेंस की व्यवस्था कर महिला के शव को उसके घर पहुँचाने की जिम्मेदारी उठाई। उनके इस कदम से परिवार को न सिर्फ राहत मिली, बल्कि घनघोर दुख की घड़ी में इंसानियत का साथ भी महसूस हुआ। बच्चियों ने आँसू भरी आँखों से आरक्षक का आभार जताया और उन्हें दुआएँ दीं।
पुलिस की बढ़ी साख
यह घटना साबित करती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम ही नहीं करती, बल्कि जब स्थिति मांग करे, तो मानवीयता और करुणा का परिचय भी देती है। आरक्षक संजय के इस सराहनीय कार्य से पुलिस की छवि और मजबूत हुई है।
इस पहल से समाज को यह संदेश मिलता है कि—
मदद हमेशा बड़ी नहीं होती, वह दिल से होनी चाहिए।
साथ ही, यह घटना पुलिस और आम नागरिक के बीच विश्वास और सम्मान के मजबूत रिश्ते को भी दर्शाती है। यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि कैसे सरकारी कर्मचारी और आम जनता मिलकर मानवता का चेहरा उजागर कर सकते हैं।


