मध्य प्रदेश पुलिस की नारकोटिक्स विंग ने नीमच जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के लसूड़िया गांव में छापा मारकर एक गुप्त मेफेड्रोन (MD) ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। एक फार्महाउस में चल रही इस पूरी तरह सक्रिय लैब से 2.7 किलो ठोस MD, 16 किलो तरल MD और 70 किलो से अधिक केमिकल व उपकरण जब्त किए गए। बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों — निरंजन दयामा, अर्जुन गरासिया और रमेश गरासिया — को गिरफ्तार किया। फार्महाउस को आधुनिक ड्रग लैब के रूप में तैयार किया गया था, जिसमें मिक्सिंग, क्रिस्टलाइजेशन और पैकेजिंग की अलग-अलग यूनिट थीं। आरोपियों के तीन मोबाइल और तीन मोटरसाइकिल भी जब्त किए गए।
यह कार्रवाई डीजीपी कैलाश मकवाना के निर्देश पर चल रहे राज्यव्यापी “ड्रग अटैक” अभियान के तहत की गई। एडीजी (नारकोटिक्स) केपी वेंकटेश्वर राव ने बताया कि मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई की गई।
इंदौर और नीमच नारकोटिक्स टीमों ने DIG महेश चंद जैन के नेतृत्व में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर राजस्थान, गुजरात और विदेशी बाजारों तक फैले सप्लाई चेन का पता लगा रही है।
एमपी में सक्रिय MD ड्रग यूनिट पकड़ा जाना बेहद दुर्लभ है और यह सिंथेटिक ड्रग सिंडिकेट्स के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अधिकारी मानते हैं कि यह कार्रवाई नए साल के दौरान पार्टी ड्रग की आपूर्ति पर बड़ी रोक लगाएगी।


