नई दिल्ली, 7 दिसंबर। इंडिगो द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ान रद्दीकरण और देरी के बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार को बताया कि एयरलाइन ने अब तक 610 करोड़ रुपये यात्रियों को वापस कर दिए हैं। सरकार ने सख्त निर्देश दिए थे कि सभी लंबित रिफंड रविवार रात 8 बजे तक अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएँ।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि रद्द या प्रभावित यात्राओं के लिए री-शेड्यूलिंग पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके लिए विशेष सपोर्ट सेल बनाए गए हैं, जो यात्रियों को तुरंत सहायता प्रदान कर रहे हैं।
इंडिगो की सेवाएँ पटरी पर लौट रहीं
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो के परिचालन में लगातार सुधार हो रहा है—
शुक्रवार को 706 उड़ानें संचालित हुई थीं
शनिवार को बढ़कर 1,565 उड़ानें
रविवार तक यह संख्या 1,650 के करीब पहुँचने की उम्मीद
देश की अन्य सभी घरेलू एयरलाइंस सामान्य रूप से अपनी क्षमता पर काम कर रही हैं।
हवाई किराए पर नियंत्रण
हालिया उड़ान रद्दीकरण से हवाई किरायों में अचानक उछाल को देखते हुए सरकार ने तत्काल किराया कैप लागू किया है। इससे कई रूटों पर बढ़े हुए किराए अब सामान्य स्तर पर लौट आए हैं।
3,000 बैग यात्रियों तक पहुँचाए
उड़ान व्यवधान के कारण छूटे बैगों को 48 घंटे के भीतर यात्रियों तक पहुँचाने का निर्देश भी दिया गया था।
इंडिगो ने शनिवार तक 3,000 बैग यात्रियों को सौंप दिए हैं।
देश के बड़े एयरपोर्ट पूरी तरह सामान्य
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और गोवा के एयरपोर्ट निदेशकों ने बताया कि रविवार को सभी टर्मिनल सामान्य रहे और जांच व बोर्डिंग पॉइंट पर कोई भीड़ नहीं दिखी।
सरकार की 24×7 निगरानी जारी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का 24×7 कंट्रोल रूम लगातार संचालन, एयरपोर्ट की स्थिति और यात्रियों की सहायता पर नज़र रखे हुए है। सरकार ने कहा कि संचालन तेजी से सामान्य हो रहे हैं और सभी सुधारात्मक कदम तब तक जारी रहेंगे जब तक स्थिति पूरी तरह स्थिर न हो जाए।
सरकार ने दोहराया कि यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगे भी आवश्यक अपडेट साझा किए जाते रहेंगे।


