जबलपुर। 6 दिसंबर को शाही तालाब के पास ट्रक में मृत पाए गए दमोह निवासी ट्रक मालिक माधव रजक की हत्या का संजीवनी नगर थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल हेल्पर हेमचंद पटेल को इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
क्या था मामला?
दमोह जिले के पथरिया निवासी 40 वर्षीय माधव रजक अपने ट्रक CG 04 QZ 9427 को स्वयं चलाते थे। करीब एक सप्ताह पहले उन्होंने गांव के ही युवक हेमचंद पटेल को हेल्पर के रूप में रखा था। 5 दिसंबर को दोनों कोलकाता से नगर निगम जबलपुर के लिए पाइप सप्लाई कर शहर पहुंचे। रात में दोनों ने साथ बैठकर शराब पी और खाना खाया।
इसी दौरान हेमचंद ने घर जाने के लिए ₹2600 मांगे। माधव ने मना करते हुए कहा कि जब जबलपुर से दमोह लौटेंगे, तब पैसे दे दूँगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। नाराज हेमचंद देर रात ट्रक से उतरकर बाहर घूमने लगा।
पत्थर से सिर कुचलकर की हत्या
रात करीब 2 बजे गुस्से में भरे हेमचंद ने ट्रक में सो रहे माधव के सिर पर भारी पत्थर से वार कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद वह मौके से कंबल ओढ़कर फरार हो गया।
अगले दिन मिला शव
6 दिसंबर की दोपहर नगर निगम जल विभाग के कर्मचारी अजय पटेल ने शाही तालाब के पास ट्रक का दरवाजा खुला देखा। अंदर जाकर देखने पर चालक का शव कंबल में ढका हुआ और सिर खून से लथपथ मिला। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या रात में ही हुई थी और हेल्पर तब से लापता था।
इटारसी से दबोचा गया आरोपी
जांच के दौरान आरोपी हेमचंद का मोबाइल लोकेशन इटारसी रेलवे स्टेशन पर मिला। संजीवनी नगर पुलिस ने जीआरपी की मदद से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
पुलिस ने आरोपी पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।


