April 4, 2026
सी टाइम्स
क्राइमप्रादेशिकवीडियो

सीबीआई का फिल्मी एक्शन: सेंट्रल जीएसटी इंस्पेक्टर 6 किमी तक पीछा कर 4 लाख की रिश्वत के साथ गिरफ्तार, असिस्टेंट कमिश्नर मास्टरमाइंड

जबलपुर में सेंट्रल जीएसटी विभाग में रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। सीबीआई ने बुधवार शाम फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए सेंट्रल जीएसटी में पदस्थ इंस्पेक्टर सचिनकांत खरे को 4 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। रिश्वत लेने के बाद सचिनकांत खरे बाइक से फरार हो गया, लेकिन सीबीआई टीम ने करीब 6 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और आखिरकार ग्वारीघाट के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

पूछताछ के दौरान इंस्पेक्टर सचिनकांत खरे ने असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और कार्यालय अधीक्षक मुकेश बर्मन के नाम उजागर किए। इसके बाद सीबीआई ने ग्वारीघाट स्थित सेंट्रल जीएसटी कार्यालय से असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया, जबकि अधीक्षक मुकेश बर्मन कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया। गुरुवार को सीबीआई ने दोनों गिरफ्तार अधिकारियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 22 दिसंबर तक की रिमांड पर भेजा गया है।

होटल व्यवसायी से मांगी गई थी रिश्वत

इस पूरे मामले की शिकायत जबलपुर के होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी ने सीबीआई से की थी। विवेक त्रिपाठी शहर में कई होटलों का संचालन करते हैं। उनके होटलों के ट्रांजेक्शन और दस्तावेजों की जांच के दौरान सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों ने एक करोड़ रुपए से अधिक का टैक्स बकाया बताकर दबाव बनाना शुरू किया। जबकि व्यवसायी के सभी दस्तावेज और लेन-देन सही पाए गए थे।

व्यवसायी का आरोप है कि अधिकारियों ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। तय योजना के अनुसार पहली किश्त के रूप में 4 लाख रुपए बुधवार को दिए गए। जैसे ही रिश्वत की रकम इंस्पेक्टर सचिनकांत खरे ने अपने पास रखी और वहां से निकलने लगा, पहले से घात लगाए बैठी सीबीआई टीम हरकत में आ गई।

भागते वक्त 6 किलोमीटर तक पीछा

रिश्वत लेने के बाद सचिनकांत खरे ने रकम अपनी दोपहिया वाहन की डिक्की में रखी और मौके से फरार हो गया। सीबीआई टीम ने उसका पीछा किया। सचिनकांत राइट टाउन से मदन महल स्टेशन, छोटी लाइन, रामपुर होते हुए ग्वारीघाट तक भागता रहा, जहां सीबीआई ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। मौके पर ही उसके हाथ धुलवाकर रिश्वत लेने की पुष्टि की गई।

पकड़े जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों को किया फोन

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई के कहने पर सचिनकांत खरे ने असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा को फोन कर बताया कि होटल व्यवसायी से 4 लाख रुपए मिल गए हैं। इस पर विवेक वर्मा ने पैसे अपने पास रखने की बात कही। इसके बाद सचिनकांत ने अधीक्षक मुकेश बर्मन को भी फोन कर रकम मिलने की जानकारी दी। इन्हीं कॉल्स के आधार पर सीबीआई ने विवेक वर्मा को भी गिरफ्तार किया।

मुकेश बर्मन फरार, घरों पर छापे

सीबीआई की कार्रवाई की सूचना मिलते ही अधीक्षक मुकेश बर्मन मोबाइल बंद कर फरार हो गया। गुरुवार को सीबीआई की टीम ने सचिनकांत खरे और मुकेश बर्मन के नर्मदा नगर स्थित आवासों पर छापेमारी कर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। वहीं असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा के गुडविल अपार्टमेंट स्थित घर पर भी सर्चिंग की गई। हालांकि बड़ी मात्रा में नकदी बरामद नहीं हुई है।

सीबीआई की प्रारंभिक जांच में इस पूरे रिश्वतखोरी प्रकरण का मास्टरमाइंड असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा को बताया जा रहा है। मामले में फरार अधीक्षक मुकेश बर्मन की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

अन्य ख़बरें

विरासत सहेजेगा जबलपुर, ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से महकेगी महाराजपुर की ऐतिहासिक बावली

Newsdesk

घरों का पानी घर में, शहर का पानी शहर में जल संरक्षण के लिए निगमायुक्त की मुहिम तेज

Newsdesk

डिजिटल जबलपुर
11 वीं के छात्र अभिवीर ने बनाया ’महापौर हेल्पलाइन’ एप, नगर निगम को सौंपा निःशुल्क उपहार

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading