जबलपुर के तिलवारा घाट पर नर्मदा घाट में मस्ती करने और मना करने पर आश्रम में रह रहे नर्मदा भक्तों के साथ मारपीट करने वाले पांच बदमाशों को जबलपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने न केवल आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की, बल्कि उन्हें उसी स्थान पर ले जाकर प्रतीकात्मक रूप से पूजा-पाठ करवाया और आश्रमवासियों से माफी भी मंगवाई, जहां उन्होंने हुड़दंग और मारपीट की थी।
घटना 1 जनवरी की तड़के करीब 1 बजे की है। तिलवाराघाट स्थित राम भरोसे आश्रम में नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु रहते हैं और यात्रियों के लिए भोजन व ठहरने की व्यवस्था करते हैं। 31 दिसंबर की रात तिलवारा और रमनगरा क्षेत्र के तीन युवक नए साल का जश्न मनाने के लिए कार से तिलवाराघाट पहुंचे थे। उन्होंने कार का म्यूजिक सिस्टम तेज आवाज में बजाना शुरू कर दिया, जिससे आश्रम में रह रहे लोगों ने आपत्ति जताई।
इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया और आश्रम के अंदर घुसकर गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में तीन से चार नर्मदा भक्त घायल हो गए। मारपीट के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। अगले दिन 1 जनवरी को आश्रमवासियों ने तिलवारा थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।
एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर तिलवारा थाना पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में बदमाश आश्रम के अंदर मारपीट करते हुए साफ दिखाई दिए। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और 8 जनवरी को दो नाबालिगों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस सभी आरोपियों को तिलवाराघाट ले गई, जहां उनसे पूजा-पाठ करवाया गया और आश्रम में मौजूद नर्मदा भक्तों के पैर पड़वाकर माफी मंगवाई गई। एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी देर रात रील बनाने के उद्देश्य से घाट पहुंचे थे। मुख्य आरोपी साका उर्फ समीर दुबे, निवासी रमनगरा है, जो हाल ही में 18 वर्ष का हुआ है और उसके खिलाफ पहले से अवैध वसूली, मारपीट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने साका उर्फ समीर दुबे के अलावा करण चक्रवाती, सौरभ सोनी और संजय पटेल को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


