अनूपपुर, । भालूमाडा थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी विशेष न्यायालय) माया विश्वलाल ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी छुट्टन रजक, भरत रजक एवं छुट्टन रजक की पत्नी निवासी ग्राम बरबसपुर थाना भालूमाडा को जयंती प्रजापति और तेहारा बाई की निर्मम हत्या तथा नरेश एवं विजय पर जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक हेमंत अग्रवाल द्वारा प्रकरण की पैरवी की गई। अभियोजन के अनुसार घटना ग्राम बरबसपुर के साधू तालाब के पास जमीन विवाद को लेकर हुई। आरोपियों ने लाठी, टंगिया और फरसा से जयंती प्रजापति एवं तेहारा बाई पर हमला किया, जिससे दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। बीच-बचाव करने पहुंचे विजय और नरेश पर भी आरोपियों ने हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। मर्ग जांच उपरांत आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। विवेचना के दौरान थाना भालूमाडा के तत्कालीन निरीक्षक अजय सिंह पंवार द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए गए, आरोपियों की निशादेही पर प्रयुक्त हथियार जब्त किए गए तथा डीएनए सहित वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए, जिनके परिणाम सकारात्मक पाए गए। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के कथन भी दर्ज किए गए तथा प्रकरण में अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम की धाराएँ जोड़ी गईं। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में कुल 27 गवाह प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपियों को दोषी मानते हुए प्रत्येक को अलग-अलग आपराधिक कृत्यों के लिए चार-चार बार (चार काउंट) सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की राशि मृतकों के परिजनों को देने के निर्देश भी दिए गए। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड की मांग की थी।


