जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक ठगी के मामले में पुलिस की सुस्ती पर फटकार लगाते हुए जांच जल्द पूरी करने और चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला जबलपुर के व्यवसायी मोहम्मद फैसल अंसारी से जुड़ा है, जिन्होंने जमीन सौदे में 35 लाख रुपये गंवाए। कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में दस्तावेज होने के बावजूद जांच में देरी उचित नहीं है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बी.पी. शर्मा की बेंच में हुई। याचिकाकर्ता फैसल अंसारी की ओर से पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाया गया था। याचिका में कहा गया कि 22 जुलाई 2023 को आरोपी तय्युब अंसारी के साथ 7 करोड़ रुपये कीमत वाली कृषि भूमि (मौजा कजरावारा, खसरा नंबर 76/1) में 17% हिस्से के लिए समझौता हुआ था। फैसल ने 35 लाख रुपये नकद और आरटीजीएस के माध्यम से किस्तों में (24 जुलाई, 2 अगस्त, 11 सितंबर और 25 अक्टूबर 2023) भुगतान किया। लेकिन आरोपी ने धोखे से बीच खेतों में एक घटिया प्लॉट दिखाकर फर्जी डीड कर दी।
फैसल ने जनवरी 2025 में पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद 11 मार्च 2025 को गोहलपुर थाने में आईपीसी की धारा 420 (ठगी) और 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत एफआईआर नंबर 189/2025 दर्ज हुई। लेकिन 9 महीने बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हुई, आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई और चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। फैसल ने कई बार (13 जनवरी, 29 जनवरी, 22 मार्च, 4 अप्रैल और 24 अगस्त 2025) एसपी जबलपुर को शिकायतें दीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नवंबर 2025 में पुलिस ने सेक्शन 94 बीएनएसएस के तहत नोटिस जारी कर बयान मांगा, लेकिन उसके बाद भी प्रगति नहीं हुई। उच्च न्यायालय ने याचिका का निराकरण करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि मामले में अंतिम रिपोर्ट जल्द से जल्द दाखिल की जाए। कोर्ट ने कहा, सीमित राहत की मांग को देखते हुए, संबंधित अधिकारी को उचित समय में अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, शुभम पाटकर, विनीत टेहेनगुनिया, प्रशांत ने पैरवी की ।


