जबलपुर। जबलपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर चरगंवा गांव में शव दफनाने को लेकर बुधवार को दो पक्षों के बीच तीखा विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों के साथ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और शव दफनाने का विरोध शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश दी।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि जिस भूमि पर शव को दफनाया जा रहा है, वह चारागाह (सरकारी) भूमि है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि यह वर्षों पुराना कब्रिस्तान है और यहां हमेशा से शवों को दफनाया जाता रहा है। विवाद की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीएम की मौजूदगी में भूमि की नाप-जोख शुरू कर दी है।
प्रशासन की कार्रवाई से नाराज हिंदू संगठनों ने जबलपुर–गोटेगांव रोड पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। मौके पर पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ग्राम बड़ैयाखेड़ा की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। बुधवार को विशेष समुदाय के लोग शव को लेकर दफनाने के लिए पहुंचे। इसी दौरान हिंदू संगठनों को सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और जमीन को चारागाह बताते हुए विरोध जताया।
जानकारी के अनुसार, कई साल पहले इस जमीन पर एक सरकारी स्कूल हुआ करता था, जो जर्जर होने के बाद दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया। स्कूल हटने के बाद इस भूमि को लेकर दोनों समुदायों के बीच विवाद बना हुआ है। वर्ष 2022 में विशेष समुदाय के लोगों ने इस जमीन पर तारबंदी कर एक बोर्ड भी लगा दिया था, जिस पर आपत्ति के बाद जिला प्रशासन ने वहां ताला लगाकर चाबी अपने पास रख ली थी।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि मृतक महिला के परिजनों ने देर रात तहसीलदार से चाबी लेकर शव को दफनाने की तैयारी शुरू कर दी। बुधवार को विवाद बढ़ने पर एएसपी अंजना तिवारी, एसडीएम शहपुरा और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। एसडीएम के निर्देश पर पटवारी और आरआई को बुलाकर भूमि की नाप-जोख की जा रही है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच जारी है और जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।


