जबलपुर। जिले में युवा से जुड़े दो नेताओं के विरुद्ध सामने आए अलग-अलग मामलों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलके में हलचल मचा दी है। एक प्रकरण में बलात्कार की एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि दूसरे मामले में शिकायतकर्ता युवती ने अपने आरोपों से पीछे हटते हुए शपथ पत्र प्रस्तुत किया है।
प्रदेश सचिव ऋषभ मिश्रा पर रेप का मामला दर्ज
लॉर्डगंज थाना पुलिस ने मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के नव निर्वाचित प्रदेश सचिव ऋषभ मिश्रा के विरुद्ध एक महिला की शिकायत पर बलात्कार का प्रकरण दर्ज किया है।
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता आधारताल क्षेत्र की निवासी है और घरेलू कार्य करती है। महिला का आरोप है कि वर्ष 2020 में सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान ऋषभ मिश्रा से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा। महिला का कहना है कि मार्च 2022 में आरोपी उसे उखरी रोड स्थित एक होटल में ले गया, जहां शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए गए। इसके बाद दिसंबर 2025 में आरोपी महिला और उसकी बेटी को गोवा ले गया, जहां होटल में रुकने के दौरान पुनः शारीरिक संबंध बनाए गए।
शादी तय होने के बाद सामने आई शिकायत
शिकायतकर्ता के अनुसार दिसंबर 2025 में उसे जानकारी मिली कि ऋषभ मिश्रा की शादी कहीं और तय हो चुकी है। विरोध करने पर आरोपी ने विवाह से इनकार कर दिया और कथित रूप से जान से मारने की धमकी भी दी। महिला ने यह जानकारी अपने परिजनों को भी दी, जिसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
ग्रामीण अध्यक्ष के मामले में युवती ने बदला बयान
दूसरे मामले में ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष शुभम उर्फ राजा श्रीवास्तव के विरुद्ध एक युवती ने शादी का झांसा देकर दुराचार का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में युवती ने पुलिस को शपथ पत्र देकर अपने आरोपों से पीछे हटते हुए कहा कि दोनों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद था और आवेश में आकर उसने शिकायत दर्ज कराई थी। अब वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहती।
ब्लैकमेलिंग का प्रत्यारोप
शुभम श्रीवास्तव की ओर से भी पुलिस को शिकायत दी गई है, जिसमें युवती पर झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में पूर्व में पैसे ट्रांसफर किए जाने से जुड़े साक्ष्य भी जांच हेतु सौंपे गए हैं। विजयनगर थाना पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रही थी।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
ऋषभ मिश्रा प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर जोन-1 को भी गिरफ्तारी की पुख्ता जानकारी नहीं थी, जबकि लॉर्डगंज थाना प्रभारी ने मीडिया कॉल्स का जवाब नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी हो चुकी है, हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दोनों ही आरोपी हाल ही में युवा कांग्रेस संगठन में निर्वाचित पदाधिकारियों में शामिल हुए हैं।


