April 3, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में एसआईआर प्रक्रिया पर दिए सख्त निर्देश



नई दिल्ली, 29 जनवरी  सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।


मुख्य न्यायाधीश सूर्याकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ की वजह से नोटिस पाने वाले लगभग 1.16 करोड़ लोगों की सूची को सार्वजनिक रूप से दिखाया जाना चाहिए।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह सूची ग्राम पंचायत भवन, हर तालुका के ब्लॉक कार्यालय और शहरी इलाकों के वार्ड कार्यालय में लगाई जाए। इससे प्रभावित लोगों को आसानी से पता चल सकेगा कि उनके नाम में क्या विसंगति बताई गई है। कोर्ट ने कहा कि सूची में विसंगति का संक्षिप्त कारण भी लिखा होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के हर जिला कलेक्टर को सख्त हिदायत दी कि वे भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। कलेक्टरों को एसआईआर प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही, पुलिस प्रमुखों को आदेश दिया गया है कि वे कानून व्यवस्था की कोई समस्या न होने दें और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चलती रहे।

अदालत ने प्रभावित लोगों के लिए राहत देते हुए कहा कि जिनके नाम लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी लिस्ट में हैं, उन्हें सूची दिखाए जाने के 10 दिनों के अंदर खुद या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए दस्तावेज जमा करने की अनुमति होगी। आपत्तियां सब-डिवीजन स्तर के कार्यालयों में जमा की जा सकती हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट उम्मीद करता है कि निर्वाचन आयोग जहां भी एसआईआर चल रही है, वहां इन निर्देशों का सख्ती से पालन करेगा।

यह फैसला तमिलनाडु में एसआईआर के दौरान उठे पारदर्शिता के सवालों पर आया है, जहां कई लोगों ने नोटिस न मिलने और प्रक्रिया में कमी की शिकायत की थी। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के एसआईआर मामले में दिए गए निर्देशों को तमिलनाडु पर भी लागू करने का रास्ता साफ किया है।

अन्य ख़बरें

बलूचिस्तान में बारिश और अचानक आई बाढ़ ने बरसाया कहर, अब तक सात की मौत, चार अन्य घायल

Newsdesk

देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं राहुल गाधी: भाजपा सांसद साक्षी महाराज

Newsdesk

भारत दुनिया के लिए मायने रखता है, हमें अपनी प्रतिक्रियाओं में ज्यादा सावधान रहना चाहिए : सैयद अकबरुद्दीन

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading