जिसने कभी आजादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया वे लोग संविधान बदलने की करते है बात-विवेक पटेल*
*वारासिवनी*-विधायक कोई भी बने,विकास कभी रुकने वाला नहीं है।जनप्रतिनिधियों का काम होता है।नगर और क्षेत्र में विकास का कार्य करना।पूर्व विधायक पद पर ना रहते हुए भी बड़ी-बड़ी बाते बताकर जनता को गुमराह कर रहे है।ग्राम आलेझरी पानी टंकी का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है।पूर्व मंत्री और ठेकेदार पानी टंकी निर्माण का पैसा खा गए।मैने जिला पंचायत की बैठक के दौरान भी यह बात रखी थी अधिकारियों ने जवाब भी दिया था कि ठेकेदार की लाफरवाही के कारण कार्य नहीं हो पाया यह उद्बोधन जनपद सदस्य जीतू राजपूत ने ग्राम पंचायत आलेझरी में सरपंच कप के फाइनल मैच और बिरसा मुंडा प्रतिमा, स्वागत प्रवेश द्वार,राशन दुकान सह गोदाम के लोकापर्ण के दौरान ग्रामीणों से कही।
*झूठ बोलने का जनता ने दिया जवाब-विवेक पटेल*
विधायक विवेक विक्की पटेल ने कहा कि हमें जिन महापुरुषों के कारण आजादी मिली है।मै उनको नमन करते हु।जिन्होंने आजादी की लड़ाई में कभी भाग नहीं लिया।आज वे लोग बाबा साहेब द्वारा बनाए गए संविधान को बदलने की बात करते है।मगर हम कभी ऐसा होना नहीं देंगे।बिरसा मुंडा हमारे भगवान है। आलेझरी पानी टंकी निर्माण की जानकारी लेने मैने विधानसभा में प्रश्न लगाया था। मगर संतुष्ट जवाब नहीं था।पूरी भट्ट सरकार है।हम फिर चारों विधायक इस मुद्दे को उठाएंगे और गड़बड़ करने वाले अधिकारियों को छोड़ेंगे नहीं।वही जिसने गलत किया था जनता ने जवाब दे दिया है। जैसी करनी करेंगे वैसा ही फल मिलेगा।जनता से बड़ा कोई नहीं होता है घमंड का अंत एक दिन जरूर होता है जैसा आलेझरी में ग्राम पंचायत भवन संसद की तरह बना है हम वैसे ही हर पंचायत को संसद की तरह बनाने का प्रयास कर रहे है।
*एक तरफा मैच में आलेझरी टीम बनी विजेता*
सरपंच कप का फाइनल मैच खैरगांव और आलेझरी के बीच खेला गया। ट्रांस जीतकर बैटिंग करने उतरी खैरगांव के बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 3 विकेट खोकर 126 रनो का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा दिया खैरगांव की ओर से सबसे ज्यादा रन मोनिस में 24 बॉल पर नाबाद 55 रनों की पारी खेली।बेटिंग करते उतरी आलेझरी की टीम के बल्लेबाजों ने शुरू से ही चौका छक्का लगाकर 3 ओवर में ही 50 रन ठोक डाले,आदर्श दशहरे ने 63 रनो की धुंआधार बल्लेबाजी के चलते आलेझरी की टीम ने आसानी से फाइनल मैच जीता लिया।जिसके चलते उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया
*आदिवासी भाईयों को अभी भी नहीं मिल रहा उनका हक- संजय उइके*
ग्राम आलेझरी में आदिवासी समुदाय के भगवान की मूर्ति की स्थापना की है।25 वर्ष की उम्र में भगवान बिरसा मुंडा ने अग्रेजों के खिलाप आवाज उठाई और ऐसी चिंगारी उठाई थी। अग्रेजों ने आदिवासी समाज की परम्परा को भी खत्म करने का प्रयास किया था मेरे विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के लोग ज्यादा निवास करते है।हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उन्होंने जो लड़ाई लड़ी थी वो खत्म नहीं हुई है हमें हमारा हक अभी भी नहीं मिल रहा है जो गांधी जी का सपना था।गांव के बारे में कैसा विकास होना चाहिए इसलिए पंचायत व्यवस्था बनाई थी जो हमे आलेझरी में देखने को मिल रहा है।ग्राम पंचायत भी ऐसी बनी है जैसे संसद भवन हो,ग्राम पंचायत मॉडल की तरह विकसित हो रह है पंचायत में जरूर फंड की कमी रहती है फिर भी आलेझरी पंचायत बहुत ज्यादा विकसित हो रहा है
*जिंदगी की जंग लड़ने में सफलता जरूर मिलती है-अनुभा मुंजारे*
हमने ग्राम आलेझरी के विकास कार्यों को देखा ऐसा कार्य किसी भी ग्राम पंचायत में नहीं हुआ है।अगर व्यक्ति के अंदर कार्य करने की क्षमता है तो वह हर काम कर सकता है मंजिल जरूर मिलती है पूर्व के नेताओं ने जनता का हक छीना है तो जनता ने उन्हें जवाब भी दे दिया। मध्यप्रदेश की विधानसभा के अंदर किसी भी विधायक को हर मामले उठाने का अधिकार होता है। हम फिर आलेझरी पानी टंकी निर्माण की जाँच की मांग विधानसभा में रखेंगे
ये रहे मौजूद
इस दौरान जनपद जगदीश बंसोड,सुदेश गुड्डू सोनी,गणेश कुंभरे,लालूकृष्ण हनवत,संदेश सिरसाम,फूलचंद पटले,शंकर इनवाती,सुरेश पटले,मोनू देशमुख,उर्मिला विनोद अमूले,मुन्नालाल उइके,कमलकिशोर गराडे,लोमेश्वरी पटले,धार्मिक इनवाती,माहत्मा हनवत,संदीप बाघमारे,लक्ष्मी पूंजाम,नीतू मोर्चे,राजकुमार चौधरी,भागचंद पटले,रेखा आमाडारे,शीतल बिसेन,सहित ग्राम वासी मौजूद रहे


