April 9, 2026
सी टाइम्स
व्यापार

कीमती धातुओं के ईटीएफ के प्राइस बैंड में बदलाव सिर्फ आज के लिए: बीएसई



मुंबई, 1 फरवरी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने रविवार को साफ किया कि सोने और चांदी के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के लिए इंट्राडे प्राइस बैंड तय करने में जो रेफरेंस प्राइस बदला गया है, वह सिर्फ आज के ट्रेडिंग सेशन के लिए ही लागू होगा।

स्टॉक एक्सचेंज ने बताया कि यह फैसला आज के ही ट्रेडिंग सेशन पर लागू होगा। इससे पहले बीएसई ने गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ पर 20 प्रतिशत की सर्किट लिमिट लगाई थी।

बीएसई ने अपने बयान में कहा, “पिछले सर्कुलर के संदर्भ में ट्रेडिंग मेंबर्स को सूचित किया जाता है कि गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के प्राइस बैंड के लिए रेफरेंस प्राइस में जो बदलाव किया गया है, वह केवल आज के लिए मान्य है।”

रेफरेंस प्राइस वह आधार कीमत होती है, जिसके आधार पर दिन के कारोबार में शेयर या ईटीएफ की ऊपरी और निचली सीमा (प्राइस बैंड) तय की जाती है।

स्टॉक एक्सचेंज ने पहले बताया था कि ईटीएफ की कीमत पिछले दिन के नेट एसेट वैल्यू (टी-1 एनएवी) पर आधारित होगी, जिसे संबंधित म्यूचुअल फंड जारी करते हैं। इसी आधार कीमत के ऊपर और नीचे 20 प्रतिशत का प्राइस बैंड लगाया जाएगा।

यह कदम कीमती धातुओं के बाजार में आई तेज गिरावट के बाद उठाया गया है। एक्सचेंज का कहना है कि इसका मकसद दिन के अंदर ज्यादा उतार-चढ़ाव को रोकना और निवेशकों को भारी कीमतों के झटके से बचाना है।

रविवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रही। बीते एक साल में तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी है।

एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना करीब 10 बजे 7.12 प्रतिशत गिरकर 1,39,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 9 प्रतिशत गिरकर 2,65,652 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई।

चॉइस वेल्थ के हेड ऑफ रिसर्च अक्षत गर्ग ने कहा कि स्क्रीन पर गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में आई तेज गिरावट डरावनी लग सकती है, लेकिन यह ज्यादा भावनाओं का असर है, न कि किसी बड़ी नकारात्मक खबर का।

उन्होंने आगे कहा, “पिछले एक साल में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी से उछाल आया था, और अब हम जो देख रहे हैं वह मुनाफावसूली, वैश्विक अस्थिरता और मैक्रो आर्थिक संकेतों पर प्रतिक्रिया का मिलाजुला असर है। ऐसे दिनों में ईटीएफ की कीमतें ऊपर और नीचे दोनों तरफ बढ़ने को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाती हैं।”

उन्होंने निवेशकों को घबराने से बचने की सलाह दी और कहा कि कीमती धातुओं को “ट्रेडिंग के लिए नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो की सुरक्षा के लिए” देखना चाहिए। साथ ही उन्होंने तेजी के पीछे भागने के बजाय गिरावट के समय धीरे-धीरे निवेश करने की सलाह दी।

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