April 8, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

योग से मिला तनाव से राहत का संदेश
पुलिस लाइन में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के सहयोग से योग शिविर आयोजित


जबलपुर। पुलिस विभाग में बढ़ते मानसिक तनाव और असंतुलित जीवनशैली को देखते हुए मंगलवार को पुलिस लाइन जबलपुर स्थित सामुदायिक भवन में वृहद योग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रानी दुर्गावति विश्वविद्यालय के योग विभाग के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर रानी दुर्गावति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेश कुमार वर्मा तथा योग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अलका नायक विशेष रूप से मौजूद रहीं। शिविर में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं एसपी की पाठशाला में अध्ययनरत अभ्यर्थियों ने भाग लिया।

विशेषज्ञों ने कराया प्राणायाम और ध्यान

योग शिविर का संचालन विश्वविद्यालय के योग विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिनमें डॉ. राजेश कुमार पाण्डेय, डॉ. राकेश गोस्वामी, डॉ. रीना मिश्रा, डॉ. वंदना यादव एवं डॉ. वर्षा अवस्थी शामिल रहे। शिविर संचालक के रूप में अंकित चक्रवर्ती, हर्षित प्रजापति, आयुष, सुनीता सिंह, पूजा धाकड़, साधना यादव और प्रांजलि ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया।
शिविर में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को प्राणायाम, ध्यान, योगासन और सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया तथा यह भी बताया गया कि नियमित योग से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मानसिक संतुलन भी मजबूत होता है।

पुलिस विभाग में तनाव सबसे बड़ी चुनौती

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि
“पुलिस विभाग में जब भर्ती होते हैं तो सभी युवा और फिट रहते हैं, लेकिन समय के साथ अनियमित दिनचर्या, चुनौतीपूर्ण ड्यूटी, कम नींद और लगातार तनाव के कारण पुलिसकर्मियों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग सरकारी सेवाओं में सबसे अधिक तनाव झेलने वाला विभाग है। ऐसे में योग और व्यायाम ही वह माध्यम हैं, जो पुलिसकर्मियों को शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप से संतुलित बनाए रख सकते हैं।
योग को दिनचर्या में शामिल करने की अपील
एसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित योग और प्राणायाम से न केवल बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि कार्यक्षमता, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है।
उन्होंने यह भी कहा कि
“योग में इतनी शक्ति है कि यह व्यक्ति को तनाव मुक्त रखकर जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा भर देता है।”
वेलनेस पुलिसिंग की दिशा में पहल
यह योग शिविर पुलिस प्रशासन द्वारा “वेलनेस पुलिसिंग” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जहां कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को नियमित योग करने का संकल्प दिलाया गया और भविष्य में भी इस तरह के शिविर आयोजित करने की बात कही गई।

अन्य ख़बरें

हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई बाइक, धूमा के तीन युवकों की मौत

Newsdesk

शहर कांग्रेस के पदाधिकारी घोषित, कई नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारियां

Newsdesk

निगमायुक्त ने किया शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा, सफाई व्यवस्था का लिया जायजा

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading