जबलपुर। जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे (एनएच-45) पर मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जब ब्रिज के ऊपर से गुजर रहा एक भारी भरकम हाईवा अचानक संतुलन खोकर नीचे सर्विस रोड पर चल रही कार के ऊपर जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह पिचक गई और उसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 से 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा शहपुरा थाना क्षेत्र में हुआ, जहां हाईवे ब्रिज के नीचे सर्विस रोड से कार गुजर रही थी। अचानक ऊपर से गिरते हाईवा ने कार को सीधे चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
कार बनी लोहे का ढांचा, शव बुरी तरह फंसे
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर लोहे का ढांचा बन गई। कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को तुरंत 108 एंबुलेंस और निजी वाहनों से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे में हाईवा चालक भी ड्राइविंग सीट पर बुरी तरह फंसा हुआ मिला, जबकि एक मोटरसाइकिल भी हाईवा के नीचे दब गई। आशंका है कि मोटरसाइकिल सवार को भी गंभीर चोटें आई हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी पुलिस और प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही शहपुरा थाना पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। क्रेन और जेसीबी मशीनों की मदद से हाईवा को हटाने और फंसे लोगों को निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि
“हाइवा चालक और मोटरसाइकिल सवार को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल प्राथमिकता सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। घटना की जांच की जा रही है कि हाईवा कैसे ब्रिज से नीचे गिरा।”
घंटों जाम, हाईवे पर थमी रफ्तार
हादसे के बाद एनएच-45 पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। ब्रिज और सर्विस रोड दोनों जगह यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। ट्रैफिक पुलिस को वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को डायवर्ट करना पड़ा।
करीब दो से तीन घंटे की मशक्कत के बाद हाईवा को क्रेन से हटाया जा सका, तब जाकर यातायात धीरे-धीरे बहाल हुआ।
कैसे हुआ हादसा? जांच के घेरे में हाईवा की रफ्तार और ब्रिज की सुरक्षा
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हाईवा तेज रफ्तार में था और संभवतः ब्रिज पर संतुलन बिगड़ने या ब्रेक फेल होने से यह नीचे गिरा। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हाईवा ओवरलोड था या तकनीकी खराबी के कारण हादसा हुआ।
फिर उठे हाईवे सेफ्टी पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और भारी वाहनों की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस ब्रिज पर पहले भी कई बार तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों की शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आज का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का भी आईना है, जिसमें एक पल में दो जिंदगियां खत्म हो गईं और कई परिवार उजड़ गए।


