जबलपुर। कृषि उपज मंडी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बैंक प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक ग्राहक का गिरवी रखा सोना गलती से किसी दूसरे युवक को सौंप दिया गया। यह घटना शनिवार की है, जब युवक अपना पुराना गोल्ड लोन चुकाकर बैंक से जेवर वापस लेने पहुंचा था।
जानकारी के मुताबिक कपिल पटेल के छोटे भाई शिवम पटेल ने करीब दो साल पहले बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 7.5 तोला सोना गिरवी रखकर लगभग 5 लाख रुपए का लोन लिया था। हाल ही में लोन की पूरी राशि जमा करने के बाद जब वे जेवर लेने बैंक पहुंचे, तो बैंक मैनेजर और स्टाफ ने प्रक्रिया में भारी चूक करते हुए उन्हें किसी अन्य ग्राहक का सोने का पैकेट सौंप दिया।
घर पहुंचने के बाद जब कपिल पटेल ने पैकेट खोलकर जेवर देखे, तो उन्हें तुरंत एहसास हुआ कि यह सोना उनका नहीं है। उन्होंने बिना देरी किए बैंक मैनेजर को फोन कर इसकी जानकारी दी। मैनेजर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए उन्हें दोबारा बैंक आने को कहा।
मंगलवार को कपिल पटेल बैंक पहुंचे और पूरा सोना सुरक्षित बैंक को लौटा दिया, जिसके बाद उन्हें उनका असली सोना वापस दिया गया। युवक की ईमानदारी से एक बड़ी आर्थिक गड़बड़ी टल गई, वरना असली ग्राहक और बैंक दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था।
कपिल पटेल ने बताया कि उनके भाई का सोना 7.5 तोला है, जबकि बैंक ने उन्हें किसी और का पैकेट दे दिया था। यह बैंक की बड़ी लापरवाही है कि बिना पूरी जांच किए किसी का कीमती सामान किसी दूसरे को सौंप दिया गया। इस घटना ने सरकारी बैंक की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि बैंक स्टाफ ने युवक की ईमानदारी की सराहना की है, लेकिन इस तरह की चूक से ग्राहकों में अपनी अमानत की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।


