कुरई – 04 फरवरी 2026
दक्षिण सिवनी वनमंडल एवं पेंच टाइगर रिज़र्व के वन अमले ने तत्परता दिखाते हुए दो बाघ शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व भेजने में सफलता प्राप्त की है।
क्षेत्र संचालक, पेंच टाइगर रिज़र्व सिवनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 02 फरवरी की रात्रि ग्रामवासियों ने सूचना दी कि राजस्व ग्राम गोरखपुर में कृषि भूमि के समीप स्थित एक छोटे मंदिर के पास दो बाघ शावक देखे गए हैं। सूचना मिलते ही दक्षिण सिवनी वनमंडल एवं पेंच टाइगर रिज़र्व का वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा।
स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दोनों बाघ शावक लगभग 7–8 माह के, अत्यधिक भयभीत एवं कमजोर अवस्था में थे तथा उन्हें तत्काल गहन देखभाल की आवश्यकता थी। मौके पर एकत्र भीड़ को नियंत्रित करते हुए बाघ शावकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
वन अमले द्वारा बिना ट्रैंक्विलाइज़ेशन किए रात्रि लगभग 2:30 बजे दोनों बाघ शावकों को दो अलग-अलग पिंजरों में सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया। इसके पश्चात उन्हें पेंच टाइगर रिज़र्व स्थित पशु चिकित्सालय, खवासा लाया गया, जहां उन्हें पर्याप्त भोजन एवं पानी उपलब्ध कराया गया तथा सीसीटीवी निगरानी में विश्राम हेतु रखा गया।
दिनांक 03 फरवरी 2026 की प्रातः दोनों बाघ शावक पूरी तरह स्वस्थ एवं स्थिर अवस्था में पाए गए। मानव प्रभाव (ह्यूमन इम्प्रिंटिंग) से बचाव एवं री-वाइल्डिंग के उद्देश्य से दोनों शावकों को एक साथ परिवहन पिंजरे में रखकर सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व भेजा गया।
यह संपूर्ण कार्यवाही वन अमले एवं पशु चिकित्सा दल के समन्वित प्रयासों से अत्यंत शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सफल रूप से संपन्न हुई, जिससे बाघ शावकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सका।


