जख्मों के वीडियो वायरल, इलाके में दहशत का माहौल
जबलपुर। जिले में अवैध रेत उत्खनन में लगे माफियाओं के हौसले इस कदर बढ़ चुके हैं कि अब वे न कानून से डर रहे हैं और न ही मासूम बच्चों को बख्श रहे हैं। नर्मदा नदी के सगड़ा झिरिया घाट पर नहाने पहुंचे बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे बच्चों के शरीर पर गहरे जख्म दिखाने वाले वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। वायरल वीडियो में एक बच्चे की पीठ और हाथों पर गंभीर चोटों के निशान साफ नजर आ रहे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसकी निर्ममता से पिटाई की गई है।
घाट पर नहाने पहुंचे थे बच्चे, रेत माफियाओं ने किया हमला
बताया जा रहा है कि यह घटना नर्मदा नदी के सगड़ा झिरिया घाट क्षेत्र की है, जहां आसपास के कुछ बच्चे रोज की तरह नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां सक्रिय अवैध रेत उत्खनन से जुड़े लोगों ने बच्चों को घाट से भगाने की कोशिश की। विरोध करने पर बच्चों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर लंबे समय से रेत माफियाओं का कब्जा बना हुआ है और वे किसी को भी वहां फटकने नहीं देते। जो भी विरोध करता है, उसके साथ बदसलूकी और मारपीट की जाती है।
बच्चों में दहशत, इलाके में डर का माहौल
घटना के बाद से इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। बच्चों में इतना डर बैठ गया है कि वे अब घाट की तरफ जाने से भी कतरा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अगर नर्मदा जैसे पवित्र घाट पर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है।
लोगों का आरोप है कि रेत माफियाओं की दबंगई इतनी बढ़ गई है कि वे खुलेआम हिंसा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। सैकड़ों यूजर्स ने इस घटना को लेकर प्रशासन और पुलिस पर सवाल उठाए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जब अवैध रेत उत्खनन पहले से ही सबकी नजरों में है, तो फिर ऐसे तत्वों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
कार्रवाई की मांग, FIR और सख्त कदम की अपील
स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने बच्चों से मारपीट करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही बच्चों को सुरक्षा देने, घाटों पर नियमित पुलिस गश्त लगाने और अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी उठी है।
लोगों का कहना है कि यदि अब भी प्रशासन ने कठोर कदम नहीं उठाए, तो रेत माफियाओं के हौसले और बढ़ेंगे और भविष्य में इससे भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।
फिलहाल यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि यह भी दिखा रही है कि अवैध कारोबार किस तरह समाज के सबसे कमजोर वर्ग—मासूम बच्चों—तक को निशाना बना रहा है।


