जबलपुर। मंगलायतन विश्वविद्यालय, जबलपुर ने यूआई ग्रीन मेट्रिक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्व स्तर पर 375वीं तथा भारत में 13वीं रैंक प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह रैंकिंग विश्वविद्यालय की सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और हरित कैंपस पहलों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यूआई ग्रीन मेट्रिक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग का यह 16वां संस्करण है, जिसमें 105 देशों के कुल 1,745 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया। यह विश्व की एकमात्र ऐसी रैंकिंग प्रणाली है जो विशेष रूप से विश्वविद्यालयों के पर्यावरणीय प्रदर्शन और स्थिरता (Sustainability) को आधार बनाकर आकलन करती है।
इस रैंकिंग में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन छह प्रमुख मानदंडों पर किया जाता है —
ग्रीन नीतियाँ एवं प्रशासन, अवसंरचना (Infrastructure), ऊर्जा प्रबंधन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा परिवहन व्यवस्था। इन सभी क्षेत्रों में कुल 39 सूचकों के आधार पर वैज्ञानिक पद्धति से मूल्यांकन किया जाता है।
मंगलायतन विश्वविद्यालय, जबलपुर का इन सभी मानदंडों में उत्कृष्ट प्रदर्शन यह प्रमाणित करता है कि विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता पर, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है। ग्रीन कैंपस, ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त परिसर, वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रम विश्वविद्यालय की प्रमुख पहलें हैं।
इस उपलब्धि पर माननीय कुलगुरु ने कहा,
“यूआई ग्रीन मेट्रिक जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक रैंकिंग में स्थान प्राप्त करना हमारे लिए गर्व का विषय है। यह सफलता पूरे विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। हम भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगे।”
उपकुलगुरु प्रो. विनीता सलूजा एवं कुलसचिव प्रो. बी. एस. नागा किशोर ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि मंगलायतन विश्वविद्यालय की दूरदर्शी सोच और जिम्मेदार शैक्षणिक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी निदेशकगण, डीन, विभागाध्यक्ष, समन्वयक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारीगण ने इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया और भविष्य में और ऊँचाइयाँ प्राप्त करने की कामना की।


