April 9, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

आरटीओ : अफसरों की गैरमौजूदगी से आवेदक परेशान, घंटों भटकने को मजबूर



जबलपुर। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) जबलपुर में इन दिनों अव्यवस्था और मनमानी का माहौल बना हुआ है। हालात यह हैं कि यहां न तो अधिकारियों के बैठने का कोई निश्चित समय है और न ही बाबू अपनी निर्धारित कुर्सियों पर नजर आते हैं। इसका खामियाजा सीधे आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है, जो अपने जरूरी कामों के लिए घंटों तक कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
आरटीओ कार्यालय में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, परमिट, टैक्स, ट्रांसफर, फिटनेस और अन्य जरूरी कामों के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में उन्हें सिर्फ इंतजार ही मिलता है। संबंधित काउंटरों पर जिम्मेदार कर्मचारी नहीं मिलते, जिससे खिड़कियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं।
बाबू की कुर्सी खाली, खिड़की पर भीड़
कार्यालय में सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिन बाबुओं पर फाइलों के निपटारे की जिम्मेदारी है, वे अक्सर अपनी सीट पर मौजूद नहीं रहते। आवेदक खिड़की के सामने खड़े होकर घंटों इंतजार करते रहते हैं, लेकिन न तो कोई स्पष्ट जानकारी दी जाती है और न ही यह बताया जाता है कि संबंधित कर्मचारी कब आएंगे। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का काउंटर बना शोपीस
आरटीओ कार्यालय के प्रवेश द्वार के पास ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (H.S.R.P.) की बुकिंग के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। नियम के अनुसार सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है, लेकिन विडंबना यह है कि उसी काउंटर पर कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं रहता।
बुकिंग काउंटर कई दिनों से खाली पड़ा हुआ है। ऐसे में जिन वाहन मालिकों को प्लेट लगवानी है, वे समझ ही नहीं पा रहे कि आवेदन कहां और कैसे करें। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन खुद ही व्यवस्था नहीं संभाल पा रहा, तो आम नागरिक नियमों का पालन कैसे करें।
प्रभारी आरटीओ और सहायक आरटीओ भी नदारद
जानकारी के अनुसार छतरपुर की आरटीओ मधु सिंह को जबलपुर आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, लेकिन वह जबलपुर कार्यालय में नियमित रूप से बैठकर काम नहीं कर रही हैं। वहीं सहायक आरटीओ संतोष पाल को कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, पर वे भी कार्यालय में बहुत कम समय के लिए ही नजर आते हैं।
अधिकारियों की गैरमौजूदगी के चलते बड़ी संख्या में फाइलें पेंडिंग पड़ी हुई हैं। लाइसेंस नवीनीकरण, ट्रांसफर, परमिट और अन्य महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है।
आवेदकों में बढ़ता आक्रोश
आरटीओ में आए कई आवेदकों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा। किसी दिन बाबू नहीं मिलता, तो किसी दिन अधिकारी उपलब्ध नहीं होते। मजबूरी में लोग छुट्टी लेकर आते हैं, लेकिन पूरे दिन इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है।
व्यवस्था सुधारने की मांग
नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आरटीओ कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, बैठने का निश्चित समय तय किया जाए और सभी काउंटरों पर जिम्मेदार स्टाफ की तैनाती की जाए। साथ ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसी जरूरी सेवाओं को सुचारू रूप से चालू किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
यदि समय रहते हालात नहीं सुधरे, तो आरटीओ कार्यालय की अव्यवस्था और मनमानी से आम नागरिकों की परेशानियां और भी बढ़ सकती हैं।

अन्य ख़बरें

सीसीटीवी में कैद चोर, 15 लाख की चोरी के बाद फरार बदमाशों का पीड़ित ने खुद निकाला सुराग

Newsdesk

नगर निगम मुख्यालय में कांग्रेस पार्षदों की तालाबंदी, सफाई व्यवस्था और बढ़ते टैक्स को लेकर भाजपा सरकार पर हमला

Newsdesk

5 घंटे तक तालाब में छिपा रहा शातिर चोर, आरपीएफ और गोताखोरों ने दबोचा, सैकड़ों चोरी की वारदातों से जुड़ाव की आशंका

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading