April 9, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

असम राइफल्स और डीआरआई ने कछार में हेरोइन की खेप जब्त की, दो तस्कर गिरफ्तार



कछार (असम), 12 फरव  म्यांमार से लगातार हो रही नशे की तस्करी के बीच असम राइफल्स और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए असम के कछार जिले में 3.2 करोड़ रुपए की हेरोइन जब्त की। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इस मामले में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।

कछार जिले में नशे की तस्करी की सूचना मिलने पर असम राइफल्स के जवानों ने बुधवार की रात डीआरआई के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया।

कछार, श्रीभूमि (पहले करीमगंज) और हैलाकांडी जिलों की मिजोरम के साथ 164 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सीमा लगती है। म्यांमार के पास होने की वजह से मिजोरम नशे की तस्करी का एक बड़ा रास्ता बन गया है।

अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने नेशनल हाईवे-306 पर 3.2 करोड़ रुपए की हेरोइन ले जा रहे दो लोगों को पकड़ लिया। यह हाईवे पहाड़ी मिजोरम के लिए मुख्य सड़क मार्ग है।

तस्करी में इस्तेमाल की गई गाड़ी और आरोपियों के पास से मिला एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।

असम राइफल्स और डीआरआई इस क्षेत्र में नशा विरोधी अभियानों में लगातार सक्रिय हैं और नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए नियमित कार्रवाई कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह जब्ती नशे की तस्करी रोकने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।

पुलिस को शक है कि ये नशीले पदार्थ म्यांमार से लाए गए और मिजोरम के रास्ते असम पहुंचाए गए, जहां से इन्हें देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाना था।

असम राइफल्स ने 10 फरवरी को राज्य पुलिस और सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी) के साथ मिलकर मिजोरम के सैतुअल जिले के नगोपा इलाके में 3.518 किलोग्राम मॉर्फीन (कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपए) जब्त की थी और दो तस्करों को गिरफ्तार किया था।

उस कार्रवाई के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने एक वाहन को रोका और जांच के बाद 3.518 किलोग्राम मॉर्फीन बरामद की। इसे कासिम और मुकीम अली नाम के दो लोग ले जा रहे थे।

मिजोरम की म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर लंबी पहाड़ी व खुली सीमा है। इसी कारण यह राज्य सीमा पार तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है।

म्यांमार का चिन राज्य नशीले पदार्थों, विदेशी सिगरेट, सुपारी, दुर्लभ वन्यजीव और अन्य अवैध सामान की तस्करी का बड़ा केंद्र माना जाता है। ये सामान मिजोरम के छह जिलों चम्फाई, सियाहा, लॉन्गतलाई, हनहथियाल, सैतुअल और सेरछिप के रास्ते लाया जाता है।

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