जबलपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कुशवाहा समाज द्वारा आस्था और सामाजिक सरोकार का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया गया। समाज की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कुशवाहा धाम स्थित श्री पंचमुखी मंदिर में न केवल भगवान शिव का विधिवत अभिषेक किया गया, बल्कि समाज के दो जरूरतमंद जोड़ों का नि:शुल्क सामूहिक विवाह भी गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया गया।
दिन की शुरुआत भगवान भोलेनाथ के विशेष जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं श्री पंचमुखी हनुमान जी की आरती के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” और “जय बजरंग बली” के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात सामाजिक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए विवाह योग्य युवक-युवतियों के आवेदनों की समीक्षा की गई और क्षेत्रीय कमेटी की अनुशंसा पर दो पात्र जोड़ों का विवाह पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया।
विवाह समारोह के दौरान मंदिर परिसर शहनाइयों की मधुर धुनों, वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल गीतों से गूंज उठा। दोनों नवविवाहित जोड़ों को समाज के वरिष्ठजनों एवं उपस्थित अतिथियों ने आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर यह भी देखने को मिला कि समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से वर-वधुओं को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक उपहार और सामग्री भेंट की।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और समाजसेवियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन संस्था के अध्यक्ष गोपाल कुशवाहा, महामंत्री दीपक कुशवाहा, कोसा अध्यक्ष बृजेश कुशवाहा, सचिव अशोक वर्मा, जिला अध्यक्ष के.पी. कुशवाहा, सचिव अनंत कुमार कुशवाहा सहित कमेटी के सभी सदस्यों द्वारा किया गया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष बैजनाथ पटेल, उपाध्यक्ष गंगाराम पटेल, राजेंद्र पटेल, मन्नूलाल पटेल, योगेंद्र वर्मा, श्रीमती माया देवी कुशवाहा, सुशीला कनौजिया, शारदा कुशवाहा, रंजन मौर्य, अर्पण कुशवाहा, सावित्री कुशवाहा, पूनम कुशवाहा एवं तुलसीराम कुशवाहा की सक्रिय भूमिका रही।
समिति के सदस्यों ने बताया कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की मदद के उद्देश्य से नि:शुल्क विवाह की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, ताकि कोई भी बेटी केवल आर्थिक अभाव के कारण अपने विवाह से वंचित न रह जाए। उपस्थित अतिथियों ने कुशवाहा समाज की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। सभी ने नवदंपतियों के सुखद, समृद्ध और मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।


