April 8, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में ऐतिहासिक बजट,अधोसंरचना विकास को नई गति — लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह


 
*जबलपुर में ₹382 करोड़ के 34 निर्माण कार्यों को बजट में स्वीकृति – सड़क अधोसंरचना को मिलेगी नई गति*

    जबलपुर। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को प्रदेश के समग्र विकास का दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुखी दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास संकल्प के मार्गदर्शन में तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेज़ी से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रतिपादित GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) के संकल्प में राज्य सरकार ने दो ‘I’ – इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ते हुए GYANII के मार्गदर्शी सिद्धांत पर बजट तैयार किया है।

    मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह देश का पहला रोलिंग बजट है, जो आगामी दो वर्षों के विकास का स्पष्ट खाका प्रस्तुत करता है तथा अमृतकाल 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए विकास का नया पैमाना तय करता है। ₹4,38,317 करोड़ के इस बजट से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद ₹18,48,274 करोड़ अनुमानित है, जो वर्ष 2025-26 के अनुमान से 10.69 प्रतिशत अधिक है।

    मंत्री श्री सिंह ने कहा कि “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के लक्ष्य को साकार करते हुए प्रदेश में अधोसंरचना विकास कार्य निरंतर गति पकड़ रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 2,190 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन, 992 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण तथा 30 पुलों एवं रेलवे ओवर ब्रिजों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त लगभग ₹3,000 करोड़ लागत के प्रमुख कार्य पूर्ण हुए हैं, जिनमें सिक्स लेन कोलार रोड, भोपाल में गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक फ्लाईओवर तथा दमोह नाका एलीवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 111 रेलवे ओवर ब्रिजों के साथ अटेर–जेतपुर मार्ग पर चंबल नदी पर उच्च स्तरीय पुल, भोपाल के संत हिरदाराम नगर में एलीवेटेड कॉरिडोर, ग्वालियर में स्वर्ण रेखा नदी पर एलीवेटेड कॉरिडोर, इंदौर में एलीवेटेड कॉरिडोर, उज्जैन में फोर लेन एलीवेटेड कॉरिडोर तथा महाकाल रोप-वे जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं।

    सड़क अधोसंरचना के तीव्र एवं गुणवत्तापूर्ण विकास के लिए राज्य में हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल अपनाया गया है। विगत दो वर्षों में इस मॉडल के अंतर्गत ₹12,676 करोड़ की अनुमानित लागत वाली सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

    मंत्री श्री सिंह ने बताया कि “क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण योजना” के अंतर्गत 1,766 पुल एवं पुलियों के निर्माण हेतु ₹4,572 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है, जिसके लिए वर्ष 2026-27 में ₹900 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। वर्ष 2026-27 में सड़कों एवं पुलों के निर्माण तथा संधारण के लिए ₹12,690 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

    उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश में सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    इस बजट में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत जबलपुर जिले के लिए कुल 34 निर्माण कार्यों को सम्मिलित किया गया है, जिनकी कुल स्वीकृत लागत ₹382 करोड़ है। यह प्रावधान जिले की सड़क एवं परिवहन अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।

*इन कार्यों में सबसे प्रमुख निर्माण कार्य*

महागवा–चरगवा–शहपुरा–पाटन–पौड़ी–कटंगी–मझौली मार्ग का है, जिसकी कुल लंबाई 102 किलोमीटर है तथा इसकी लागत ₹200 करोड़ है। यह मार्ग क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करते हुए ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों को मुख्य परिवहन नेटवर्क से जोड़ेगा, जिससे व्यापार, कृषि परिवहन और आवागमन को नई गति मिलेगी।

    इसी प्रकार सिहोरा–मझौली–कटाप–गुबरा–तीरहा मार्ग के निर्माण को भी सम्मिलित किया गया है। 34 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग पर ₹75 करोड़ की लागत से कार्य किया जाएगा। यह सड़क क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

    शहरी क्षेत्र में भी अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी गई है। मेहता पंप से अग्रसेन चौक होते हुए उखरी चौक तक तथा एकता चौक से अहिंसा चौक तक सीसी रोड निर्माण कार्य को भी सामिलित किया गया है, जिसकी कुल लागत ₹17 करोड़ है।

*जबलपुर जिले के अन्य कार्य जिन्हें बजट में सम्मिलित किया गया है :-*

ग्राम छपरी भर्रा से सिमरिया तक 1.50 किमी लंबाई का सड़क निर्माण कार्य ₹1.50 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

ग्राम मड़ोद से मुडिया मार्ग तक 1.10 किमी लंबाई की सड़क का निर्माण ₹1.50 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

मुडिया से सीगनतलाई तक 2.00 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य ₹2.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

ग्राम पंचायत धरमपुरा से नुनपुर होते हुए घुघरा (राम पथ गमन) मार्ग का 3.00 किमी लंबाई में निर्माण ₹4.20 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

भमका से सिद्धघाट कुलोन मार्ग का 6.50 किमी लंबाई में निर्माण कार्य ₹6.50 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

झण्डा चौक से परियट तक 1.00 किमी लंबा ग्रीन मार्ग ₹2.50 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

दर्शन सिंह तिराहा से मस्ताना चौक तक 1.00 किमी लंबी सड़क का निर्माण ₹1.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

जबलपुर शहर के पंचशील नगर, गीता विहार एवं आजाद चौक क्षेत्र की सड़कों का 7.20 किमी लंबाई में सुदृढ़ीकरण ₹7.25 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

जबलपुर शहर के ग्वारीघाट, ब्रजमोहन नगर एवं पुराने स्टेशन क्षेत्र की सड़कों का 6.30 किमी लंबाई में सुदृढ़ीकरण कार्य ₹6.35 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

छत्तरपुर से चरखी पहुँच मार्ग का 1.50 किमी लंबाई में निर्माण ₹2.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

वीरनेर से आमाखोह तक 2.00 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य ₹2.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

छत्तरपुर रिंग रोड चौराहा से शाला भवन होते हुए निभोरा को जोड़ने हेतु 2.00 किमी लंबी सड़क का निर्माण ₹2.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

पनागर–मुडिया–पड़ौरा–सलैया मार्ग का 9.20 किमी लंबाई में निर्माण कार्य ₹7.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

धपपुरी–पड़वार–इमलई मार्ग का 5.00 किमी लंबाई में निर्माण ₹4.00 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

रमखिरिया से चिकली देवरी पहुँच मार्ग का 5.00 किमी लंबाई में निर्माण कार्य ₹4.75 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

चौराई–कऊझर–मोहनी–मड़ई–मकरार–उमरिया मार्ग का 8.00 किमी लंबाई में निर्माण ₹5.40 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

    इन कार्यों के पूर्ण होने से शहर में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, सड़क की गुणवत्ता बेहतर होगी तथा आम नागरिकों को दीर्घकालिक सुविधा प्राप्त होगी।

    इसके अतिरिक्त, जबलपुर जिले के कई महत्वपूर्ण मार्गों को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर निर्मित करने हेतु बजट में सम्मिलित किया गया है। यह मॉडल निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता और दीर्घकालिक रखरखाव सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

*हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के अंतर्गत जिन प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया है, उनमें —*

झिरिया–बधराजी–महगवां–खमतरा–विलायतकलां मार्ग (लंबाई 112 किमी),

रिछाई–तिलसानी–बधराजी–प्रतापपुर–सिहोरा–भीमखेड़ा मार्ग (लंबाई 114 किमी),

पनागर–सिंगलद्वीप–मझौली–अभाना–वचौया–बहोरीबंद–सलीमनाबाद मार्ग (लंबाई 79 किमी), तथा

बरगी नगर–भेड़ाघाट–उड़ना–सकरा मार्ग (लंबाई 74 किमी) शामिल हैं।

इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन स्थलों तक पहुंच सुगम होगी तथा कृषि एवं औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के माध्यम से निजी भागीदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण और निर्धारित अवधि तक रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे प्रदेश को टिकाऊ और आधुनिक सड़क नेटवर्क प्राप्त होगा।

श्री सिंह ने कहा जबलपुर जिले में इन 34 निर्माण कार्यों के माध्यम से न केवल सड़क नेटवर्क का विस्तार होगा, बल्कि निर्माण गतिविधियों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह बजटीय प्रावधान क्षेत्र के समग्र विकास, निवेश प्रोत्साहन और बेहतर जीवन गुणवत्ता की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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