जबलपुर। रबी सीजन की फसलें इस समय खेतों में पूरी तरह तैयार खड़ी हैं और कटाई का दौर भी शुरू हो चुका है। ऐसे में खेतों में आग लगने की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए किसानों और ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। किसान संगठनों और फार्मर्स ग्रुप्स ने कहा है कि खेतों में खड़ी फसल केवल अनाज नहीं बल्कि किसानों की महीनों की मेहनत और भविष्य की उम्मीदों का आधार होती है, इसलिए थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान कर सकती है।
किसानों से अनुरोध किया गया है कि खेतों में लगे बिजली के ट्रांसफार्मरों और बिजली की लाइनों के नीचे साफ-सफाई अवश्य रखें। कई बार पुराने तारों पर पक्षियों के बैठने या तारों के आपस में टकराने से चिंगारी निकलती है, जिससे सूखी फसल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह फसल की कटाई के बाद अनाज या भूसा इकट्ठा करते समय उसे बिजली की लाइनों से दूर सुरक्षित स्थान पर रखें और आसपास की जगह साफ रखें।
किसानों को खेतों में पानी के भंडारण की व्यवस्था रखने की भी सलाह दी गई है, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत आग बुझाने के लिए पानी का उपयोग किया जा सके। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि खेतों के आसपास बीड़ी, सिगरेट या जली हुई राख जैसी ज्वलनशील वस्तुएं न फेंकें और पराली में आग लगाने से पूरी तरह बचें।
किसान संगठनों ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भी जिले के कई क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं से सैकड़ों एकड़ फसल जलकर नष्ट हो गई थी। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा सर्वे तो कराया जाता है, लेकिन अधिकांश किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल पाता और बीमा योजनाओं में भी कई बार इसका पूरा कवरेज नहीं होता। इसलिए किसानों से अपील की गई है कि वे स्वयं सतर्क रहकर ही अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित रखें।


