कलेक्टर ने एसडीएम को दिए निगरानी के निर्देश, नागरिकों से अफवाहों से बचने और वैकल्पिक साधनों के उपयोग की अपील
जबलपुर। शहर में गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर बन रही स्थिति और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए नई कार्ययोजना लागू करते हुए जिले की सभी गैस एजेंसियों पर सरकारी कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र की गैस एजेंसियों पर लगातार निगरानी रखने को कहा है।
कलेक्टर के निर्देश के अनुसार अब हर गैस एजेंसी में दो शिफ्ट में सरकारी कर्मचारी तैनात रहेंगे। उनकी निगरानी में घरेलू गैस सिलेंडरों का वितरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी की आशंका न रहे। प्रशासन को जानकारी मिली थी कि कुछ स्थानों पर हॉकर और वेंडर अधिक कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध कराने की पेशकश कर रहे हैं।
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या बहकावे में न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। नागरिक गैस सिलेंडर मिलने के 25 दिन बाद ही नई बुकिंग करें, क्योंकि बार-बार बुकिंग करने से सर्वर पर दबाव बढ़ता है और जिन लोगों को वास्तव में गैस की जरूरत होती है उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने लोगों से वैकल्पिक संसाधनों के उपयोग पर भी ध्यान देने की सलाह दी। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए गौकाष्ट, कोयला, लकड़ी और इंडक्शन चूल्हे जैसे विकल्पों का भी उपयोग किया जा सकता है।
उधर, कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, रेस्टॉरेंट, केटरिंग और सराफा कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की कतारें देखी जा रही हैं और बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
गैस बुकिंग सर्वर डाउन, वितरण केंद्रों के बाहर लगी कतारें
शहर में गैस सिलेंडर बुकिंग का ऑनलाइन सर्वर डाउन होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार सुबह से इंडेन कंपनी का बुकिंग सर्वर ठप होने के कारण ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग गैस एजेंसियों के वितरण केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इससे कई जगह लंबी कतारें लग गईं और उपभोक्ताओं व एजेंसी कर्मचारियों के बीच बहस की स्थिति भी बनती दिखाई दी। वहीं गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग सिस्टम का सर्वर डाउन होने से ऑनलाइन प्रक्रिया बाधित हो गई है।


