जबलपुर। थाना संजीवनी नगर अंतर्गत युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम आयुष यादव पिता राजेन्द्र यादव (25 वर्ष) निवासी सागर कॉलोनी, चौकी धनवंतरी नगर, थाना संजीवनी नगर बताया गया है।
पुलिस के अनुसार 22 मई 2026 को चौकी धनवंतरी नगर पुलिस को आरोग्यम अस्पताल के पीछे स्थित एक कमरे में युवक का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक दुर्गेश मरावी एवं थाना प्रभारी बी.डी. द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान सुरेन्द्र उर्फ चिंगम प्रधान (28 वर्ष) निवासी श्यामनगर परसवाड़ा के रूप में हुई।
मृतक के भाई अरविन्द प्रधान ने पुलिस को बताया कि सुरेन्द्र पिछले एक वर्ष से आरोग्यम अस्पताल के पीछे स्थित एक कार्यालय के कमरे में अकेले रह रहा था। वह कभी-कभी घर आता था। घटना वाले दिन सुबह जब वह खाना देने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा खुला मिला और सुरेन्द्र जमीन पर पड़ा था। उसके हाथ की कलाई कटी हुई थी तथा पास में चाकू पड़ा था। गले में गमछा बंधा हुआ था। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एफएसएल एवं फिंगरप्रिंट टीम ने मौके का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से श्वास नली क्षतिग्रस्त होने के कारण मौत होना सामने आया।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि घटना से पहले मृतक का लालबाबा मंदिर क्षेत्र में विवाद हुआ था। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि मृतक अत्यधिक शराब के नशे में था और उसके साथ आयुष यादव मौजूद था। घटना के बाद आयुष मृतक को उसके कमरे तक छोड़ने गया था।
संदेह के आधार पर पुलिस ने आयुष यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि मृतक अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और उसे परेशान करता था। घटना की रात मृतक के अत्यधिक नशे में होने का फायदा उठाकर उसने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या दर्शाने के उद्देश्य से आरोपी ने चाकू से मृतक की हाथ की नस भी काट दी।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू, गमछा एवं मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
हत्या की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी बी.डी. द्विवेदी, चौकी प्रभारी दुर्गेश मरावी, सहायक उप निरीक्षक टीकाराम चौधरी, प्रधान आरक्षक दिलीप पाठक तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


