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कोतमा। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर के अध्यक्ष ऋषभ चंदेरिया ने हाल ही में रीवा में दो जैन साध्वियों की कार से कुचले जाने को दुर्घटना की जगह हत्या प्रतीत होती बताया है जिस प्रकार साध्वी रोड के किनारे चल रही थी लेकिन कार चालक ने पूरी रोड छोड़ते हुए साध्वियों के ऊपर कार चढ़ा दी और फिर कार रोड की तरफ मोड़ दी जैसा कि सी सी टीवी में स्पष्ट प्रतीत हो रहा है, इस संबंध में सम्पूर्ण कोतमा जैन समाज विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपेगा, प्रमुख बिंदु विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने एवं हाल ही में हुई आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर कोतमा नगर में 25 मई 2026 को मौन जुलूस निकाला जाएगा। कार्यक्रम के अंत में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
समस्त जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाजजनों द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाई जाएंगी। ज्ञापन में संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था, “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस समन्वय, दुर्घटना प्रकरण की SIT अथवा न्यायिक जांच, CCTV एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
जैन समाज ने कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज और शासन दोनों का नैतिक दायित्व है।
मौन जुलूस के माध्यम से समाजजन प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित करेंगे तथा संतों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग करेंगे।


