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September 26, 2026
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अब मुगलों और भाजपा-आरएसएस में कोई अंतर नहीं बचा, दोनों ने लूटा धन: नाना पटोले

नागपुर, 4 जुलाई । कांग्रेस विधायक और महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने नागपुर में कई समसामयिक राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग से लेकर मंदिरों में दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग तक कई विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने की मांग पर नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। ऐसी मांगें और चर्चाएं लोकतंत्र का हिस्सा हैं तथा कांग्रेस में तानाशाही की कोई जगह नहीं है।

उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद चुनाव आयोग सहित कई संस्थाओं के माध्यम से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए गए हैं। चुनाव फिर से बैलेट पेपर के जरिए कराए जाने चाहिए।

बता दें कि चंडीगढ़ में तीन सदस्यों वाले ऑब्जर्वर पैनल की बातचीत में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सबसे पसंदीदा उम्मीदवार के तौर पर उभरे हैं। वहीं अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया। इसके बाद 20 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व कांग्रेस विधायकों के साथ-साथ कई वरिष्ठ नेताओं ने चन्नी का समर्थन किया।

बद्रीनाथ धाम और अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिर अब सुरक्षित नहीं हैं और पहले जहां मुगलों द्वारा मंदिरों को लूटे जाने की बात कही जाती थी, वहीं अब भाजपा और आरएसएस पर मंदिरों की संपत्ति और दान के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों में कोई अंतर नहीं रह गया है और मंदिरों को इन ‘लुटेरों’ से बचाने की जरूरत है।

पटोले ने कहा कि दान के पैसे की लूट और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना भाजपा-आरएसएस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। इसके लिए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई और सार्वजनिक रूप से माफी मांगना चाहिए। जांच के लिए गठित एसआईटी केवल मामले को दबाने का माध्यम बन सकती है और वास्तविक जिम्मेदारों को बचाया जा सकता है।

पटोले ने यह भी दावा किया कि बद्रीनाथ, मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर और पंढरपुर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी दान राशि के कथित दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। कांग्रेस को जल्द ही इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज मिलने की उम्मीद है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।

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