मुंबई, भाजपा विधायक राम कदम ने ‘एक देश, एक चुनाव’, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले के परिसीमन (डिलिमिटेशन) पर दिए गए बयान और एनसीपी नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।राम कदम ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का प्रस्ताव व्यापक अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित समिति ने देशभर से प्राप्त 21 हजार से अधिक सकारात्मक सुझावों का अध्ययन करने के बाद लगभग 18,616 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। यदि देश में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था लागू होती है तो इससे भारत की जीडीपी में लगभग 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इससे चुनावों पर होने वाले खर्च में करीब तीन लाख करोड़ रुपए की बचत होगी, जिसका उपयोग देश के विकास कार्यों में किया जा सकेगा। इससे भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में और मजबूती मिलेगी।सांसद सुप्रिया सुले द्वारा परिसीमन के मुद्दे पर सशर्त समर्थन के संकेत दिए जाने पर राम कदम ने उनके रुख का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि संसद के आगामी मानसून सत्र में देशहित से जुड़ा कोई विधेयक लाया जाता है और विपक्ष उसका सकारात्मक दृष्टिकोण से समर्थन करता है, तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है। विपक्ष को केवल विरोध के लिए विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि जनहित और राष्ट्रहित के मामलों में सहयोग करना चाहिए।


