जबलपुर। अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से जबलपुर शहर के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। मंत्रालय के सचिव कटिकिथला श्रीनिवास और अपर सचिव थारा की उपस्थिति में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण किया। इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत जबलपुर के लिए कुल 314.18 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है जिसमें 64.18 करोड़ रुपये जलापूर्ति और 250 करोड़ रुपये सीवरेज प्रणाली के उन्नयन पर खर्च होंगे। इस पहल से वर्ष 2040 तक की अनुमानित आबादी की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। यह विकास कार्य न केवल शहर के वंचित क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ेगा बल्कि सीवेज के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण को भी स्वच्छ बनाएगा।
जल संकट दूर करने नई पाइपलाइन
जबलपुर के उन इलाकों में अब स्वच्छ पानी पहुंचेगा जहां पाइपलाइन की सुविधा नहीं थी। वर्ष 2040 की आवश्यकताओं के आधार पर 31.75 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 5 नए ओवरहेड सर्विस रिजर्वायर बनाए जाएंगे। इस परियोजना से 1 लाख 13 हजार 926 नए नल कनेक्शन मिलेंगे जिससे कुल कनेक्शनों की संख्या 2.90 लाख तक पहुंच जाएगी। जल प्रदाय को आधुनिक बनाने के लिए 4,969 स्मार्ट मीटर लगेंगे और 5 टैंकों के लिए पीएलसी-एससीएडीए प्रणाली विकसित की जाएगी ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। इसके अलावा शहर के पुराने जल शोधन संयंत्रों की रेट्रोफिटिंग की जाएगी ताकि जलापूर्ति की गुणवत्ता और निरंतरता सुनिश्चित हो सके।
55 गांवों सहित सीवरेज नेटवर्क का होगा विस्तार
सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शहर को 6 जोन में बांटा गया है जिसमें जोन-6 के 55 गांवों को भी मुख्य नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। करीब 300 किलोमीटर सीवरेज पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 37,089 नए घरेलू कनेक्शन दिए जाएंगे। स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए 20.50 एमएलडी क्षमता के 8 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। साथ ही 750 किलोलीटर के 6 बायो-डाइजेस्टर और 18 आधुनिक डी-स्लजिंग वाहन भी खरीदे जाएंगे। इस प्रणाली से 1.86 लाख लोगों को सीधा लाभ होगा। प्लांट से निकले उपचारित पानी का उपयोग सिंचाई और बागवानी जैसे कार्यों में किया जाएगा जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रख होंगे निर्माण
परियोजना का मुख्य उद्देश्य भविष्य की बढ़ती आबादी के लिए सुरक्षित और टिकाऊ शहरी व्यवस्था तैयार करना है। इसमें शत-प्रतिशत जल कवरेज के साथ ही पानी की हानि को न्यूनतम स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। सीवरेज के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को कम किया जाएगा। अर्बन चैलेंज फंड से मिलने वाली यह मदद जबलपुर के शहरी विकास को एक नई गति प्रदान करेगी। स्मार्ट सिटी के मानकों के अनुरूप यह कार्य शहरी जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय निकायों के समन्वय से इन कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।


